नई दिल्ली, नवंबर 9। आज कल लोग ऐसे-ऐसे बिजनेस कर रहे हैं, जिनके बारे में कुछ समय पहले तक कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। जैसे कि एक पत्रकार ने अपने घर को ही खेत बना दिया और अब हर महीने 5 लाख रु से अधिक कमाता है। ये कहानी है रामवीर सिंह की। 2009 में उत्तर प्रदेश के बरेली के रहने वाले रामवीर सिंह को पता चला कि उनके एक दोस्त के चाचा को कैंसर हो गया है। जांच के बाद पाया गया कि इस जानलेवा बीमारी का कारण केमिकल युक्त सब्जियां थीं। रामवीर, जो कि एक फुल टाइम पत्रकार थे, ने अपना प्रोफेशन छोड़कर अपना समय अपनी पैतृक जमीन के लिए समर्पित करने का फैसला किया, जहां वह अब ऑर्गैनिक सब्जियां उगाते हैं। उनके खेत बरेली से 40 किलोमीटर दूर हैं।
शुरू किए जैविक कृषि उत्पाद बेचने
रामवीर ने आखिर में एक स्वतंत्र पत्रकार के रूप में काम करना शुरू कर दिया और व्यावसायिक रूप से जैविक (ऑर्गैनिक) कृषि उत्पाद बेचने लगे। 2017-18 में, उन्होंने एक कृषि कार्यक्रम के लिए दुबई की यात्रा की और हाइड्रोपोनिक्स खेती को देखा। वे कृषि प्रोसेस में रुचि रखते थे। इसमें मिट्टी की आवश्यकता नहीं थी और कम कीट संक्रमण के साथ खेती की जा सकती थी। इसके अलावा इसमें पौधों के विकास के लिए आवश्यक लगभग 80% पानी का बचाव होता है।
लाखों में कमाई शुरू
अगले कुछ हफ्तों तक रामवीर रुके और किसानों से खेती की तकनीक सीखी। लौटने के बाद उन्होंने घर पर खेती के तरीके को आजमाने का फैसला किया। आज उनके उत्साह और हाइड्रोपोनिक्स के प्रति लगाव ने उन्हें अपने तीन मंजिला घर को हाइड्रोपोनिक्स फार्म में बदलने के लिए प्रेरित किया है, जिससे उन्हें लाखों रुपये की कमाई होती है।
घर में 10000 पौधे
रामवीर ने पाइप और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करके अपनी बालकनी और खुली जगहों पर हाइड्रोपोनिक्स सिस्टम स्थापित करना शुरू कर दिया। रामवीर कहते हैं कि उन्होंने खेत के लिए दो तरीकों को स्थापित करने के लिए न्यूट्रिएंट फिल्म टेकनीक (एनएफटी) और डीप फ्लो टेकनीक (डीएफटी) को अपॉइंट किया। फिलहाल उनका ये खेत 750 वर्ग मीटर और 10,000 से अधिक पौधों से भरा हुआ है।
क्या-क्या उगा रहे
कृषि जागरण की रिपोर्ट के अनुसार रामवीर भिंडी, मिर्च, शिमला मिर्च, लौकी, टमाटर, फूलगोभी, पालक, पत्ता गोभी, स्ट्रॉबेरी, मेथी और हरी मटर की खेती करते हैं। वे सभी मौसमी सब्जियां उगाने के लिए हाइड्रोपोनिक्स का उपयोग करते हैं। ये सिस्टम पीवीसी पाइप से बना है और पानी को प्रसारित करने के लिए गुरुत्वाकर्षण का उपयोग करता है। मैग्नीशियम, तांबा, फास्फोरस, नाइट्रोजन, जस्ता और अन्य ऐसे तत्वों को बहते पानी में मिला कर ये गारंटी तय होती है कि वे पौधों तक पहुंचें। इस प्रोसेस में 90 फीसदी पानी बचता है।
हर महीने 5 लाख रु से अधिक कमाई
रामवीर ने विम्पा ऑर्गेनिक और हाइड्रोपोनिक्स एंटप्राइज की स्थापना की, जिसके माध्यम से वह प्रति वर्ष 60 लाख रुपये से अधिक कमाते हैं। रामवीर के हाइड्रोपोनिक्स सिस्टम ने हाल ही में बिहार में बाढ़ से एक किसान की फसल को बचाया। रामवीर के मुताबिक जब बाजार खुला तो सब्जी का औसत बिक्री मूल्य आसमान छू गया। औसत रेट 30-40 रुपए प्रति किलो है। हालांकि इन खास सब्जियों की कमी ने कीमत को 80 रुपये प्रति किलो तक बढ़ा दिया, जिसका उन्हें फायदा हुआ।
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