नयी दिल्ली। कोरोना संकट में एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) की आर्थिक समस्याओं को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने 3 लाख करोड़ रु की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) का ऐलान किया था। ताजा आंकड़ों के मुताबिक इस योजना के तहत लोन देने के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य गुजरात इस समय सबसे आगे है। आत्मनिर्भर स्कीम के तहत गुजरात ने दूसरे राज्यों के मुकाबले एमएसएमई को सबसे अधिक लोन पास किए हैं। 9 जुलाई तक के आकड़ों के अनुसार एमएसएमई को 1,20,099 करोड़ रुपये के लोन पास कर दिए गए हैं, जिसमें से 61,987.90 करोड़ रुपये का लोन आवंटित हो चुका है।

कितने लोन हुए पास
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार गुजरात के ऊर्जा मंत्री सौरभ पटेल के मुताबिक गुजरात ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' को बहुत गंभीरता से लिया है और राज्य को देश का विकास इंजन बनाने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बैंकों को एमएसएमई इकाइयों से आत्मनिर्भर अभियान पैकेज के तहत 1,63,030 लोन आवेदन मिले हैं जिनमें से 1,62,245 आवेदन मंजूर कर लिए गए हैं। उनके मुताबिक लोन बांटने के मामले में गुजरात का तीसरा नंबर है।
बिजली बिल में भी दी जा रही राहत
पटेल का ये भी दावा है कि राज्य सरकार ने छोटे उद्योगों को बिजली के बिल में राहत दी है। इस मामले में राज्य सरकार ने 16.29 लाख छोटे उद्योगों को 110 करोड़ रुपये और 16,217 मध्यम स्तर के उद्योगों को 350 करोड़ रुपये की राहत दी है। कुल 16.45 लाख औद्योगिक इकाइयों को उनके बिजली बिलों में 460 करोड़ रुपये की राहत मिली है। रूपाणी सरकार ने उन ग्राहकों के लिए बिजली के बिलों में 100 यूनिट तक की एक बार छूट की घोषणा की थी, जिनकी बिजली की खपत 200 यूनिट है।


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