Gopal Snacks के फाउंडर बिपिनभाई हडवानी आज 1300 करोड़ रुपये कंपनी के मालिक है. बिपिन के पिता कभी साइकिल में नमकीन और अन्य सनैक्स बेचा करते थे. बिपिन ने अपने पिता का ये बिजनेस करोड़ो रुपये कर दिया है. उनका ये सफर आसान नहीं रहा. चलिए उनकी पूरी कहानी जानते हैं.

बिपिन पहले से ही करना चाहते थे बिजनेस
बिपिन के साधारण फेमिली से आते थे. वे राजकोट के गांव में रहते थे. बिपिन के पिता की नमकीन की दुकान थी. बिपिन के पिता ये नमकीन अपने घर में ही बनाते थे. वे नमकीन के साथ-साथ कई तरह के स्नैक्स बेचा करते थे. बिपिन के पिता ये सैनेक्स साइकिल में जाकर बेचा करते.
उनके पिता ये चाहते थे कि बिपिन कॉलेज जाए और पढ़ाई कर अपनी जिंदगी में आगे बढ़े. लेकिन बिपिन का सपना अलग था. वे हमेशा से ही बिजनेस करना चाहते थे. जब उनके पिता को अपने बेटे के सपने के बारे में पता चला तो उन्होंने बिजनेस शुरू करने के लिए उसे 4500 रुपये दिए. उनके पिता को लगा उनका बेटा पैसे खर्चकर घर लौट आएगा.
ऐसे की बिजनेस की शुरूआत
बिपिन ने पिता के दिए 4500 रुपये लेकर राजकोट आए. यहां उन्होंने साल 1991 में अपने अन्य रिश्तेदारों के साथ गोपाल गृह उद्योग नाम से गुजराती स्नैक्स की शुरुआत की. उनके बिजनेस को काफी अच्छी ग्रोथ मिली. लेकिन उनके पार्टनर के साथ कुछ बातों में सहमती नहीं बनती थी.
1994 में उन्होंने अपने पार्टनर के साथ बिजनेस बंद कर दिया. इस बिजनेस से उन्होने ढाई लाख रुपये लिए थे. जिसके बाद उन्होंने फिर से अपने स्नैक्स बिजनेस की शुरुआत की. हालांकि बिपिन के लिए फिर से जिरो से बिजनेस शुरु करना आसान नहीं था
बिपिनभाई ने फिर से शुरुआत करने के बाद राजकोट की गलियों में साइकिल के चक्कर लगाकर नमकीन बेचें, इसके अलावा वे दुकानदारों, रिटेलर और डीलर्स से बात करते और ग्राहकों की मांग को समझते थे.
उन्होंने कभी स्नैक्स के पैसे नहीं बढ़ाए बल्कि ग्राहकों की मांग के हिसाब से प्रोडेक्ट बनाते और उन्हें बेचते थे. बिपिन ने चार साल मेहनत करने बाद शहर के बाहर जमीन खरीदी और एकमैन्यूफैक्चरिंग प्लांट लगाया. साल 2012 तक उन्होंने कंपनी को 100 करोड़ के रेवेन्यू तक बना दिया था.


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