नयी दिल्ली। एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) करदाताओं को अब अपना रिटर्न दाखिल करने के लिए जीएसटी पोर्टल पर लॉग इन करने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके बजाय वे एक एसएमएस के जरिए ही अपना रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इससे छोटे उद्यमियों को अपनी अनुपालन लागत कम करने में मदद मिलेगी। हालांकि ये सुविधा केवल उन्हीं करदाताओं को मिलेगी, जिनका टैक्स देनदारी शून्य होगी। अगर आप भी एक छोटे उद्यमी हैं और आपकी टैक्स देनदारी जीरो है तो आप भी सिर्फ एसएमएस से ही जीएसटीआर (जीएसटी रिटर्न) दाखिल कर सकते हैं।

क्या होगा फायदा
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं कस्टम बोर्ड (सीबीआईटीसी) के अध्यक्ष अजीत कुमार ने भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक सेशन में कहा कि वे एमएसएमई करदाता, जिनकी टैक्स देनदारी शून्य है, केवल एक एसएमएस द्वारा जीएसटी रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इससे ईज ऑफ डुइंग बिजनेस में सुधार होगा। खास कर कोरोना-19 संकट के दौरान बिजनेस करने में आसानी होगी।
कैसे भें एसएमएस से टैक्स
एसएमएस सुविधा के के तहत करदाता "14409" पर एक मैसेज भेज कर शून्य रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। करदाता GSTIN अकाउंट में लॉग इन करके जीएसटी पोर्टल पर रिटर्न स्टेटस भी ट्रैक कर सकते हैं। उन्हें बस सर्विस> रिटर्न> ट्रैक रिटर्न स्टेटस पर नेविगेट करना होगा। सरकार की तरफ से जीएसटी में आसानी के लिए इससे पहले भी कदम उठाए गए हैं।
22 लाख लोगों को फायदा
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस संबंध में वित्त मंत्रालय ने जून में एक सर्कलर जारी कर दिया था, जिसमें बताया गया था कि नयी व्यवस्था से 22 लाख लोगों को फायदा होगा। अगले साल जनवरी से वे छोटे करदाता, जिनका पिछले वित्त वर्ष में टर्नओवर 5 करोड़ रुपये तक हो, तिमाही आधार पर टैक्स रिटर्न दाखिल कर सकेंगे और मासिक आधार पर ड्यूटी का भुगतान कर सकेंगे। इस योजना से करदाताओं को हर साल 12 रिटर्न के बजाय 4 रिटर्न में अपना सारा टैक्स भरने की सहूलियत मिलेगी।


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