Finance Ministry : MSME के पास पहुंचा 1 लाख करोड़ रु से ज्यादा का लोन

नयी दिल्ली। वित्त मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) के तहत एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) को 1 लाख करोड़ रु से ज्यादा का लोन दे दिया गया है। इस योजना के तहत 1 जून से लोन देना शुरू किया गया था। बता दें कि एमएसएमई फर्म्स को दी गई लोन राशि 1 लाख करोड़ रु से अधिक है, जबकि मंजूर किए गए लोन 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के हैं। 18 अगस्त तक सरकारी बैंकों ने ईसीएलजीएस के तहत 76,044 करोड़ रुपये के लोन को मंजूरी दे दी, जिसमें से 56,483 करोड़ रुपये का लोन दे दिया गया। मंत्रालय के अनुसार इसी तरह प्राइवेट बैंकों ने 74,715 करोड़ रुपये के लोन पास कर दिए हैं, जिसमें से 45,762 करोड़ रुपये की राशि दे दी गई है।

इन बैंकों ने दिया सबसे अधिक लोन

इन बैंकों ने दिया सबसे अधिक लोन

देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने 17,095 करोड़ रुपये का लोन दे दिया है। इस मामले में एसबीआई शुरू से ही आगे रहा है। एसबीआई के बाद इस लिस्ट में पंजाब नेशनल बैंक (7,197 करोड़ रुपये), केनरा बैंक (6,556 करोड़ रुपये) और बैंक ऑफ बड़ौदा (5,937 करोड़ रुपये) का नंबर है। वहीं जिन राज्यों में ईसीएलजीएस के तहत सबसे अधिक लोन राशि दी गई है उनमें महाराष्ट्र (6,007 करोड़ रुपये), तमिलनाडु (5,694 करोड़ रुपये), उत्तर प्रदेश (5,554 करोड़ रुपये), गुजरात (5,159 करोड़ रुपये) और कर्नाटक (3,590 करोड़ रुपये) शामिल हैं।

क्या है ईसीएलजीएस

क्या है ईसीएलजीएस

मालूम हो कि कोरोना के आर्थिक प्रभाव को देखते हुए सरकार ने मई में करीब 21 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया था। इसी राहत पैकेज में केंद्र सरकार ने एमएसएमई के लिए 3 लाख करोड़ रु एमएसएमई सेक्टर के लिए रखे थे। इस योजना की शुरुआत में एमएसएमई के लिए ही हुई थी। लेकिन अगस्त के शुरुआती दिनों में सरकार ने पेशेवरों को कवर करने के लिए इस योजना के तहत लोन मानदंडों में ढील दे दी थी। अन्य शब्दों में कहें तो सरकार ने पेशेवरों और कई अन्य व्यापारियों को इस लोन स्कीम में शामिल कर लिया था।

किसानों के लिए खास स्कीम

किसानों के लिए खास स्कीम

मंत्रालय ने यह भी कहा है किसानों की सहायता के लिए विशेष अभियान के तहत 1.22 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड स्वीकृत किए गए हैं, जिनकी कुल क्रेडिट सीमा 1,02,065 करोड़ है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने और कृषि ग्रोथ में तेजी लाने के लिए एक लंबा रास्ता तय होगा। सरकार ने आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा करते हुए 2 लाख करोड़ रुपये की रियायती लोन की घोषणा की थी, जिससे मछुआरों और डेयरी किसानों सहित 2.5 करोड़ किसानों को लाभ होने का अनुमान था। केसीसी कार्ड के माध्यम से लोन लेने वाले किसान फसल बीमा योजना के तहत कवर के भी पात्र हैं।

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