नई दिल्ली, जून 11। भारत अब चौथी औद्योगिक क्रांति के बाद एक स्थायी भविष्य की क्षमता की तरफ बढ़ रहा है। ऐसे में इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल जैसी तकनीक पर काफी जोर दिया जा रहा है। ई-व्हीकल के साथ इनके चार्जिंग स्टेशनों भी भारतीय व्यापार जगत में तेजी से गेम-चेंजर बनते जा रहे है। यह पेट्रोल पंप खोलने जैसा होगा। जाहिर सी बात कि इसमें कमाई भी खूब होगी। इसीलिए हम आपको यहां इस बिजनेस को शुरू करने के बारे में विस्तार से बताएंगे।
कितना आएगा खर्च
एक्सपर्ट के अनुसार ईवी चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने की सामान्य लागत 1 लाख रुपये से 50 लाख रुपये के बीच होती है, जो कि स्थापित चार्जर के प्रकार पर निर्भर करता है। करंट के प्रकार के आधार पर दो प्रकार के ईवी चार्जर होते हैं। एसी चार्ज अपेक्षाकृत स्लो चार्जर होते हैं और डीसी में फास्ट चार्जिंग क्षमताओं की एक रेंज होती है। हालांकि, फास्ट चार्जिंग ईवी की क्षमता पर भी निर्भर करती है कि वह एक निश्चित समय में चार्ज हो सके। जबकि स्लो चार्जर 6-14 घंटे में वाहन को फुल चार्ज करेंगे।
इन चीजों की होगी जरूरत
जगह चाहिए
चार्जिंग लोकेशन का स्थान अहम है। क्षेत्र की आवश्यकता साइट की व्यवहार्यता, चार्जिंग पाइल्स की संख्या, चार्ज किए जाने वाले ईवी के प्रकार, साइट पर अन्य गतिविधियों पर निर्भर करती है। चार्जिंग उपकरण के लिए 10 वर्ग फुट से अधिक जगह की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन वाहन की पार्किंग और सर्कुलेशन के लिए जगह चाहिए। न्यूनतम क्षेत्रफल 100 वर्ग फुट चाहिए।
मैनपावर
पेमेंट कलेक्श से लेकर बिल बनाने तक सब कुछ ऑनलाइन किया जाता है। इसलिए मशीन की फिजिकल सिक्योरिटी को छोड़कर साइट पर किसी मैनपावर की आवश्यकता नहीं है।
मार्केटिंग
आप कुछ भी शुरू कर रहे हों तो ऑनलाइन मार्केटिंग उसके प्रमोशन का सबसे अच्छा तरीका है। हालाँकि यूट्यूब, फेसबुक, लिंक्डिन, विज्ञापन और ब्लॉग को नियोजित करना आपके बिजनेस के विस्तार में मदद करने के सबसे प्रभावी तरीके हैं।
लाइसेंस
लाइसेंस इस बिजनेस के मामले में महत्वपूर्ण नहीं है। इस बिजनेस के लिए लाइसेंस की कोई आवश्यकता नहीं है। विद्युत मंत्रालय के अनुसार, भारत में चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए किसी लाइसेंस की आवश्यकता नहीं है।
कम से कम जरूरतें
इस बिजनेस स्थापित करने के लिए एक अच्छे ईवी चार्जिंग ओईएम के चयन की आवश्यकता होती है जो एक क्वालिटी सॉल्यूशन प्रोवाइड कर सकता है जिसे आसानी से संभाला जा सकता है। बिजनेस शुरू करने के लिए चार्जर्स की क्षमता के अनुसार मनचाहे लोड का एक विद्युत सेटअप और चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए सही जगह का चयन करना आवश्यक है। चार्जिंग इंफ्रा का एक अच्छा टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर स्टार्टअप्स की बिजनेस प्रोसपेक्ट्स की वैल्युएशन में मदद करेगा। चार्जिंग बिजनेस स्थापित करना वर्तमान समय में सबसे अधिक आशाजनक बिजनेसों में से एक हो सकता है, जिसमें बिजनेस अनुभव, पूंजी, समय की न्यूनतम आवश्यकता होती है और निवेश पर फौरन मुनाफा मिलता है। भविष्य के लिए भारत में यह कारोबार सबसे अच्छी संभावनाओं में से एक। चार्जिंग स्टेशन में प्रदूषण और ईंधन के उपयोग को कम करके पर्यावरण की मदद करने की क्षमता है। नतीजतन, चार्जिंग फर्मों की स्थापना से अर्थव्यवस्था और भविष्य के रुझानों की स्थिरता दोनों को लाभ होता है।
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