नयी दिल्ली। केंद्र सरकार एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) सेक्टर को राहत पहुंचाने के लिए कई उपाय कर रही है। 3 लाख करोड़ रु के लोन के बाद सरकार ने सेक्टर की परिभाषा बदली, जिससे एमएसएमई को फायदा मिलेगा। अब एमएसएमई के लिए एक और बड़ा फैसला लिया गया है। यदि कोई वेंडर एमएसएमई को सामान की पेमेंट में देरी करता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। सरकारी ई-मार्केटप्लेस जेम (GeM) के जरिए एमएसएमई से सामान खरीदने पर 10 दिनों के अंदर पेमेंट न करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। इस मामले में वित्त मंत्रालय की तरफ से निर्देश जारी किया गया है।
कितना लगेगा जुर्माना
वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी किए निर्देशों के अनुसार एमएसएमई से खरीदारी के बाद ऑटो बिल जेनरेट होगा, जिसके 10 दिनों के अंदर यदि वेंडर पेमेंट न करे तो उस पर मासिक 1 फीसदी की दर से जुर्माना लगाया जाएगा। इस फैसले का स्वागत करते हुए जेम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) तलीन कुमार ने कहा कि जेम पर विक्रेताओं की सबसे बड़ी शिकायत सरकारी खरीदारों द्वारा भुगतान में देरी थी। इस समस्या को वित्त मंत्रालय के एक ऐतिहासिक कदम से हल कर लिया गया है। जो लोग जेम पर सामान पर बेचते हैं, उन्हें अब समय पर भुगतान हो सकेगा।
जेम का नए वर्जन पर काम जारी
व्यय विभाग के अनुसार ये ब्याज राशि जेम द्वारा मेन्टेन किए जाने वाले एक अकाउंट में जमा की जाएगी। इस राशि का उपयोग विक्रेताओं और खरीदारों को एजुकेट करने के लिए किया जाएगा। बात दें कि जेम पोर्टल के एडवांस्ड पोर्टल पर भी काम चल रहा है। एडवांस्ड पोर्टल के बारे में सीईओ ने कहा कि इस पर काम तेज गति से चल रहा है और सितंबर 2020 तक एक शक्तिशाली और बेहतर फीचर वाला जेम 4.0 सामने आएगा। केंद्रीय सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों द्वारा वस्तुओं और सेवाओं की ऑनलाइन खरीद के लिए अगस्त 2016 में जेम पोर्टल लॉन्च किया गया था।
कैसा होगा नया वर्जन
जेम 4.0 शक्तिशाली, अधिक स्मार्ट, बेहतर, यूनिफाइड, बुद्धिमान और अधिक समावेशी होगा। पोर्टल में बाजार वृद्धि, कैटलॉग में सुधार, बोली-प्रक्रिया और रेटिंग प्रणाली का पुनरूद्धार, नेचुरल लेंगुएज प्रोसेसिंग आधारिक सर्च इंजन, मांग एकत्रीकरण और डिलिवरी जैसे फीचर्स भी होंगे। वर्तमान में सरकारी विभागों, मंत्रालयों, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों, राज्य सरकारों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को इस पोर्टल के माध्यम से लेनदेन करने की अनुमति है। 18,85,628 उत्पादों और सेवाओं को बेचने के लिए अब तक 4,04,045 विक्रेता और सेवा प्रदाता पोर्टल के साथ पंजीकृत हैं।
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