Business: अगर आप खेती के माध्यम से मोटी कमाई करना चाहते हैं तो फिर आप काले टमाटर की खेती कर सकते है। काला टमाटर कई बीमारियों से लड़ने में कारगर है।
अंग्रेजी में काले टमाटर को इंडिगो रोज टोमेटो कहा जाता है। इंग्लैंड में इसकी शुरुआत हुई थी। रे ब्राउन को इसकी खेती का श्रेय जाता है। इन्होंने जेनेटिक म्यूटेशन के माध्यम से काले टमाटर को तैयार किया था। अब देश में भी इसकी खेती शुरू हो चुकी है। काले टमाटर को यूरोप के मार्केट में 'सुपरफूड' कहते हैं।

इंडिगो रोज रेड और बैंगनी टमाटर के बीजों को आपस में मिलाकर एक नया बीज तैयार किया गया। जिसमें हाइब्रिड टमाटर पैदा हुआ। भारत की जलवायु भी काले टमाटर के लिए बेहतर है। लाल टमाटर की तरह इसकी खेती होती है।
गरम जलवायु वाले क्षेत्र को इस किस्म के टमाटर की खेती के लिए सही माना जाता है। ठंडे स्थान पर पोधे विकसित नहीं हो पाते है। इसके लिए जमीन का पीएच मान 6-7 के बीच होना चाहिए। इसके लिए बुवाई करने सा सही वक्त जनवरी महीने का होता है।
इसमें लाल टमाटर के मुकाबले ज्यादा औषधीय गुण पाए जाते हैं। काले टमाटर को अधिक वक्त तक ताजा रखा जा सकता है। काले टमाटर का अलग रंग और गुण होने के वजह से इसकी कीमत मार्केट में लाल टमाटर के मुकाबले ज्यादा है।
अगर आप काले टमाटर की खेती करते हैं तो फिर काले टमाटर की खेती में उतना ही खर्च आता है जितना लाल टमाटर की खेती करने में पैसा लगता है। काले टमाटर की खेती में केवल बीज का पैसा ज्यादा लगता है।
आप काले टमाटर की खेती में पुरा खर्चा निकालकर प्रति हेक्टेयर लगभग 4 लाख से 5 लाख रु का मुनाफा कमा सकते है। अगर आप इसमें अधिक मुनाफा कमाना चाहते हैं तो फिर आप काले टमाटर की पैकिंग और ब्रांडिंग के माध्यम से ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। आप इसे पैकिंग करके महानगरों में बिक्री के लिए भेज सकते हैं।


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