Dairy Farm Business : आम तौर पर माना जाता है कि डेयरी फार्म का बिजनेस ग्रामीणों के लिए है। मगर ये शहर में भी तगड़ी कमाई के लिए एक बढ़िया बिजनेस साबित हो रहा है। आप चाहें गांव में रह रहे हों या शहर में, यदि आप बढ़िया आमदनी पाना चाहते हैं, तो डेयरी फार्म के बिजनेस में किस्मत आजमा सकते हैं। ये बिजनेस आपको अच्छा मुनाफा करा सकता है। इसके लिए उन पशुओं की आवश्यकता है जो दूध देते हैं, जिनमें गाय और भैंस शामिल हैं। फायदे की बात यह है कि यदि आप डेयरी खोलते हैं तो सरकार भी आपकी आर्थिक तौर पर मदद करेगी। आगे जानिए कि कैसे आप ये बिजनेस शुरू कर सकते हैं।
ऐसे करें शुरुआत
यदि आप डेयरी खोलना चाहते हैं तो अच्छी दूध देने वाली गाय और भैंस खरीदें। इसके लिए आपको अच्छी नस्ल वाली गाय-भैंसों की जानकारी होनी चाहिए। यदि आपके पास जानकारी नहीं है तो आप किसी की मदद ले सकते हैं। दूसरी चीज कि पशुओं को रखने के लिए जगह चाहिए। मगर इस काम के लिए ऐसी जगह बेहतर है, जो खुली हवा वाली हो।
कई तरह से होगी कमाई
यदि कमाई की बात की जाए तो आप गाय के गोबर से लेकर दूध तक से पैसे कमा सकते हैं। दूसरे आप दूध से बने ढेरों उत्पाद, जैसे कि घी, पनीर, छाछ और दही आदि, से भी हर महीने तगड़ी कमाई कर सकते हैं। आर्गेनिक खाद गोबर का इस्तेमाल होता है, जो कि आपकी कमाई का एक और जरिया हो सकता है। आप अपने बजट के हिसाब से ये बिजनेस शुरू कर सकते हैं।
इतना होगा हर महीने मुनाफा
यदि आप एक गाय या भैंस से रोजाना 10 लीटर दूध प्राप्त करते हैं और आपके पास ऐसे 20 पशु हैं, तो आपको रोजाना आराम से 200 लीटर दूध मिलेगा। इस समय बाजार में प्रति लीटर दूध 70 रुपये में बिक रहा है। यानी आपकी डेली कमाई हुई 14000 रु। इस हिसाब से महीने में आपकी कमाई हुई 4.20 लाख रु। अब यदि इसमें से 2.20 लाख रु हर तरीके के खर्चे के लिए निकालें तो भी आपको हर महीने 2 लाख रु का फायदा हो सकता है।
सरकार करेगी मदद
एक खास योजना है, जिसके तहत नाबार्ड की तरफ से डेयरी फार्म खोलने वालों को 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है। यदि किसान एसटी / एससी कैटेगरी से हैं तो ये सब्सिडी राशि 33.33 प्रतिशत तक हो जाती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नाबार्ड की इस योजना के लिए किसानों के अलावा कोई उद्यमी, गैर सरकारी संगठन और कंपनियां भी आवेदन कर सकती हैं।
मिल सकता है लोन
पशु किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए किसानों को सरकार पशु पालने के लिए पैसा देती है। उन्हें इस काम के लिए अच्छी खासी राशि बतौर मदद दी जाती है। पर ध्यान रहे कि ये पैसा बतौर लोन दिया जाएगा। यानी पशु पालक इस पैसे का इस्तेमाल अपने कारोबार में कर सकेंगे। इस स्कीम के तहत किसानों को पशु पालने के लिए 1.5 लाख रु से अधिक की मदद मिल सकती है। इन पशुओं में गाय, भैंस आदि शामिल हैं। पशु पालक किसान गाय और भैंस जैसे दूध देने वाले जानवर पाल कर उनके दूध का कारोबार करते हैं। मगर इसके लिए उन्हें पशु खरीदने के लिए पैसों की जरूरत होती है। किसानों को आर्थिक सहायता की जरूरत पड़ती है। इसी जरूरत को ध्यान में रख कर सरकार ने ये स्कीम शुरू की।


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