नई दिल्ली, नवंबर 13। अकसर हमारे सामने किसानों की समस्याओं की खबरें आती हैं। मगर कुछ किसान ऐसा चमत्कार करते हैं कि यकीन करना मुश्किल होता है। ये किसान चमत्कार कमाई के मामले में करते हैं। जैसा कि अमृतसर, पंजाब के भोरशी राजपूता गांव के रहने वाले गुरबीर सिंह ने किया है। वे आज खेती से जुड़े अपने बिजनेस से करोड़ों रु कमा रहे हैं। उन्होंने अपने इस बिजनेस की शुरुआत कम उम्र में तब की जब उन्हें पिता की मृत्यु के बाद अपने परिवार की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी थी। आगे जानिए गुरबीर की पूरी कहानी।
पारंपरिक खेती से की शुरुआत
द बेटर इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार गुरबीर बताते हैं कि पिता के गुजर जाने के बाद उनका परिवार कर्ज में आ गया था। उस समय गुरबीर पढ़ाई कर रहे थे। मगर पिता के बाद उन्होंने पारंपरिक सब्जी की खेती शुरू की। उनके परिवार के पास 2.5 एकड़ भूमि थी। लेकिन जल्द ही उन्हें पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में जाने का मौका मिला। यहीं से उनके जीवन में बदलाव आया।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय नये और इनोवेटिव कृषि तरीकों के लिए जाना जाता है। यहां किसानों की कई तरह से मदद की जाती है। गुरबीर कहते हैं कि वे वहां डॉ नरिंदरपाल सिंह से मिले, जो विश्वविद्यालय में कृषि सलाहकार सेवा योजना को संभाल रहे थे। उनसे गुरबीर ने हाइब्रिड मिर्च के बीजों के बारे में जानकारी हासिल की। गुरबीर के मुताबिक बीजों की हाइब्रिड किस्मों की विशेषताओं ने उन्हें आकर्षित किया।
बढ़िया टेस्ट और लंबी लाइफ
मिर्च में कीटों, फंगस और अन्य बीमारियों के संक्रमण का खतरा कम था। गुरबीर बताते हैं कि इन मिर्चों की लंबी शैल्फ-जीवन और बढ़िया टेस्ट था। साथ ही इनकी उपज भी बेहतर है। गुरबीर ने इन हाई क्वालिटी वाली हाइब्रिड मिर्च तैयार करने की कला सीखी। वे एक तरफ फूलगोभी, गोभी, टमाटर और अन्य सब्जियों को उगाने की अपनी पारंपरिक खेती जारी रखे हुए थे तो वहीं दूसरी तरफ उन्होंने किसानों को बीज और पौधे बेचने के लिए गोबिनपुरा नर्सरी की स्थापना की। यही उनका नया बिजनेस आइडिया था।
25 एकड़ में है फार्म
गुरबीर के मुताबिक उनके 20 सालों के सफर में कई चुनौतियां आईं, जिनका उन्होंने सामना किया और आज उनके पास 25 एकड़ में फैले खेत हैं। साथ ही उनके पास नर्सरी में सभी सब्जियों के लिए 18 एकड़ की नर्सरी है। इससे उनकी कमाई करोड़ों में होती है। लगातार उत्पादन और क्वालिटी बनाए रखने से गुरबीर की आय कई गुना बढ़ी। किसानों ने भी उनके बीजों की गुणवत्ता को पहचाना और लाभ उठाया। किसानों के बीच उनकी विश्वसनीयता बनी। किसानों ने गुणवत्तापूर्ण बीज उगाने के लिए गुरबीर के प्रयासों की सराहना की।
दबाव में न करें काम
गुरबीर कहते हैं कि चुनौतियां सभी प्रोफेशंस का हिस्सा होती हैं। सभी बिजनेस में घाटा-फायदा होता है, मगर इसे वहन करना होता है। उनके मुताबिक चुनौतियों का सामना दबाव में नहीं हो सकता। इसके लिए कड़ी मेहनत, ईमानदारी और जुनून की जरूरत होती है। इन चीजों की मदद से कठिन दौर को पार कर सकते हैं। उनके अनुसार कई युवा खेती छोड़ कर नौकरी के लिए शहरों में जा रहे हैं। मगर उनका मानना है कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था को सपोर्ट करती है और लोगों को खेती में अपना विश्वास नहीं खोना चाहिए।
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