Business Idea For Farmers: खेत में यूरिया और दूसरी केमिकल खाद डालने से कुछ समय के बाद खेत की पैदावार प्रभावित होने लगती है और धीरे-धीरे कम होती जाती है। इसी बात को ध्यान में रखकर हम आपको एक ऐसी फसल के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके इस्तेमाल खेत में यूरिया जैसी खाद डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसे हरी खाद भी कहा जाता है। जी हां, ढैंचा एक ऐसी फसल है जिसे हरी खाद भी कहा जाता है। इतना ही नहीं इसे खेत की उर्वरा शक्ति को बेहतर बनाकर पैदावारा बढ़ाने वाला माना जाता है। ढैंचा का इस्तेमाल करके आप बड़ी आसानी से हरी खाद बना सकते हैं। कई राज्यों की सरकार की इसकी खेती करने के लिए आर्थिक मदद भी कर रहीं है। इसकी खेती करके आप बड़ी आसानी से अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि ढैंचा की खेती से कैसे अमीर बना जा सकता है।
इस फसल की खेती करने से आपको जबरदस्त फायदा हो सकता है और आप अच्छे खासे पैसे भी कमा सकते हैं। इससे हरी खाद बनती है जिसकी कीमत और मांग बढ़ती जा रही है। आपको बताते चलें हरयाणा सरकार ने ढैंचा की खेती करने वाले किसानों 720 रुपए प्रति एकड़ का खर्त उठाने की बात कही है। आपको बता दें कि यह कॉस्ट प्राइस प्रति एकड़ ढैंचा की खेती में लगने वाली प्राइस का 80 प्रतिशत तक है। आपको बता दें कि लोगों का कहना है कि एक बार ढैंचा की खेती शुरू कर दी तो खेत में यूरिया डालने की जरूरत भी नहीं पड़ती है।

अगर आप इस फसल को लगाकर अच्छे पैसै कमाना चाहते हैं, तो यह फसल काफी बेहतर होती है। ऐसा इस लिए है क्योंकि इसकी खेती किसी भी मौसम में की जा सकती है। इसकी खेती के लिए आप लोन भी ले सकते हैं। इसकी बुआई के लिए सबसे पहले खेत की जुताई करनी होती है, ताकी खेत में मौजूद फालतू घास और खर पतवार कम हो जाएं और मिट्टी भी नर्म हो जाए। इससे ढैंचा की बुआई करने में किसी तरह की दिक्कत न होती है।
इसे आप चाहें तो एक लाइन से या पूरे खेत में छिड़काव करके इसे बो सकते हैं। जुताई के बाद आपको पूरे खेत में ढैंचा की बुआई कर देनी है। गौरतलब है कि इस फसल की बुआई में किसी भी खात तरह की तकनीक या खेती की जरूरत नहीं होती है। इसे भी आम फसलों की तरह की बोया और काटा जाता है। इसकी बुवाई के बाद तीन महीने में यह फसल तैयार हो जाती है। जब इसकी लंबाई तीन फूट के आस पास पहुंच जाए तो इसे आसानी से काट के खेत में फैलाया जा सकता है।
इस फसल का इस्तेमाल खाद बनाने के लिए किया जाता है। लोगों के अनुसार हरी खाद बनाने से खेत में खर पतवार जैसी दिक्कतों का सामना भी नहीं करना पड़ता है। अगर आप एक एकड़ खेत में ढैंचा की बुआई करते हैं, तो आपको 25 टन फसल की पैदावार मिल सकती है। मार्केट में इसकी कीमत करीब 40 रुपए प्रति किलो के आस पास है। अगर आपने एक एकड़ में खेत में ढैंता की बुआई करते हैं तो 25 टन के हिसाब से आप 10 लाख रुपए तक एक सीजन में कमा सकते हैं।


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