Aloe Vera farming: हर घर में एलोवेरा के पौधे देखने को मिल जाते हैं ऐसा इसलिए क्योंकि इसे स्कीन केयर रुटीन में काफी इस्तेमाल किया जाता है और बड़ी-बड़ी कंपनियां एलोवेरा के जेल का इस्तेमाल ब्यूटी प्रोडक्ट बनाने के लिए भी करती हैं।
अगर आप एलोवेरा की खेती बड़े स्तर पर करेंगे तो इससे आपकी भी बहुत अच्छी कमाई होगी। चलिए जानते हैं कि इस बिजनेस की शुरुआत आप कैसे कर सकते हैं।

ऐसे शुरु करें एलोवेरा की खेती
इसकी फसल के लिए खेत में पानी का ठहराव अधिक नहीं होना चाहिए यानी एलोवेरा की खेती आप रेतीली मिट्टी पर कर सकते हैं क्योंकि इसकी फसल के लिए अधिक नमी की जरुरत नहीं होती। एलोवेरा की बुआई अक्टूबर-नवंबर तक होती है और इसके एक पौधे से दूसरे पौधे में करीब 2 फीट की दूरी होनी चाहिए।
इसके अलावा खाद देते समय याद रखें कि इसकी फसल को यूरिया या डीएपी का इस्तेमाल न करें। इसकी 2 प्रमुख प्रजातियां हैं जिनकी डिमांड मार्केट में अधिक होती है और ये दो प्रजातियां हैं एलोवेरा बार्बाडेन्सी और इंडिगो।
दूसरी वाली प्रजाति को आम तौर पर घरों में भी देख सकते हैं। किसान एक बार फसल लगाने के बाद साल 2 बार इसकी कटाई कर सकते हैं और बेचकर मुनाफा कमा सकते हैं।
एक एलोवेरा के पौधे में 15-20 पत्तियां या इससे भी अधिक हो सकती है। आप 1 बीघा खेत में 12,000 एलोवेरा के पौधे लगा सकते हैं और एलोवेरा का एक पौधा 3-4 रुपये का होता है।
यानी 12,000 पौधे लगाने में करीब 40,000 का खर्च है। हालांकि, इसके पौधे जब पत्ते देने लगते हैं तो उन पत्तों की कीमत 7-8 रुपये प्रति पत्ता होती है।
आप इन पत्तियों को कंपनियों को बेच सकते हैं या फिर इनका जेल निकालकर भी कंपनियों को और ऊंचे दाम पर बेचा सकता है। 1 बीघा खेत में हुई फसल से ही लाखों रुपये की कमाई हो सकती है। इसमें आपको 5 गुना मुनाफा भी मिल सकता है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
एलोवेरा के जेल (Aloe Vera Gel) के साथ-साथ आप इसके पत्ते को भी दवाई और ब्यूटी प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी को बेच सकते हैं। इसके साथ ही आप एलोवेरा के बेबी प्लांट को बेचकर भी अच्छा खासा लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
इस बात का भी ध्यान रखें कि इन पौधों मं बहुत जल्द ही कीट लग जाते हैं, लिहाजा कीटनाशक का प्रयोग करना जरूरी है। लेकिन ध्यान दें कि कीटनाशक के लिए यूरिया या डीएपी का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।
एलोवेरा की कई प्रजातियां होती है। बेहतर कमाई के लिए बार्बाडेन्सीस प्रजाति मौजूदा समय में सबसे ज्यादा इस्तेमाल में लाई जा रही है।
जूस बनाने से लेकर कॉस्मेटिक आइटम बनाने के लिए इसका इस्तेमाल होता है। डिमांड की वजह से किसान भी इसे लगाना ज्यादा पसंद करते हैं क्योंकि इसकी पत्तियां बड़ी होती हैं और इसमें से ज्यादा जेल निकलता है। इंडिगो प्रजाति भी अच्छी मानी जाती है, जो कि आम तौर पर घरों में दिखाई देती है।
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