Budget 2022 : MSME को मिल सकते हैं ये खास तोहफे, जानिए क्या-क्या

नई दिल्ली, जनवरी 20। नए साल में और अधिक उम्मीदों के साथ वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए केंद्रीय बजट एक ऐसा इवेंट होने जा रहा है, जिस पर सभी की नजर होगी। बता दें कि भारत सरकार द्वारा हर साल केंद्रीय बजट पेश किया जाता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के अनुसार, यह 'उस वर्ष के लिए भारत सरकार की अनुमानित प्राप्तियों (रिसीट्स) और व्यय (खर्च) की डिटेल' होती है। भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2022-23 के लिए केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं। इस बार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) सेक्टर को बजट से काफी उम्मीदें हैं। वित्तीय वर्ष 2022-23 के केंद्रीय बजट में एमएसएमई को क्या तोहफे मिल सकते हैं, आइए जानते हैं।

एनबीएफसी सेक्टर

एनबीएफसी सेक्टर

बैंकिंग उद्योग के एक पूरक के रूप में एनबीएफसी (नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी) की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। लोग आशावादी हैं कि इस साल का बजट मंदी और गिरावट को देखते हुए अर्थव्यवस्था को बहुत आवश्यक गति प्रदान देगा। इसमें एनबीएफसी का ध्यान रखा जा सकता है, जो एमएसएमई को फाइनेंस मुहैया कराती हैं।

हेल्थकेयर सेक्टर के लिए अधिक पैसा
2022 में लोगों को इस क्षेत्र से बहुत उम्मीदें हैं। हम बात कर रहे हैं हेल्थकेयर सेक्टर के संपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर में अधिक आवंटन की। जानकारों का मानना है कि एक मजबूत मेडिकल कोल्ड चेन पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करेगा कि देश महामारी और भविष्य के किसी भी अन्य संकट से लड़ने के लिए पहले से तैयार रहे।

जीएसटी को उचित बनाएं

जीएसटी को उचित बनाएं

जैसा कि देखा जा सकता है, कच्चे माल की कीमतें बहुत अधिक हैं और यह एक समान और नियंत्रित नहीं है। ऐसे में सरकार को कम से कम एमएसएमई के लिए मैन्युफैक्चरिंग पर जीएसटी दरों को उचित बनाना चाहिए। इस क्षेत्र के लिए विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि मैन्युफैक्चरिंग के लिए जीएसटी दर को 18 प्रतिशत से कम से कम 12 प्रतिशत तक लाया जाना चाहिए।

पब्लिक सेक्टर क्षेत्र का पुनर्पूंजीकरण (रीकैपिटलाइजेशन)

पब्लिक सेक्टर क्षेत्र का पुनर्पूंजीकरण (रीकैपिटलाइजेशन)

जानकार पूरे भारत में ओवरऑल डेब्ट मांग में तेजी को लेकर आशान्वित हैं। ऐसे में अफोर्डेबल और रेंटल हाउसिंग पर जोर दिया जाना चाहिए और अटके हुए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को लिक्विडिटी यानी डेब्ट प्रदान करने के लिए मौजूदा फाइनेंसिंग सिस्टम को मजबूत करना चाहिए।

पिछले बजट के बड़े ऐलान
केंद्रीय बजट 2021-22 में एमएसएमई सेक्टर को सपोर्ट देने के लिए कई कदम उठाए गए और सरकार ने इस क्षेत्र को 15,700 करोड़ रुपये (बजट अनुमान के दोगुने से भी ज्यादा) दिए हैं। बजट में एमएसएमई को लाभ पहुंचाने के लिए कुछ बदलावों का प्रस्ताव है जिसमें स्टील स्क्रू, प्लास्टिक बिल्डर वेयर और प्रॉन फीड पर शुल्क बढ़ाना शामिल है।

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