नई दिल्ली, फरवरी 1। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मझौले उद्यम) के लिए एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने एमएसएमई के लिए इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) को 5 लाख करोड़ रु तक बढ़ा दिया है। वित्त मंत्री ने अनुसार इससे 130 लाख एमएसएमई को फायदा होगा। ईसीएलजीएस मार्च 2023 तक के लिए बढ़ाई गई है। ईसीएलजीएस का विस्तार एमएसएमई क्षेत्र को लोन देने के लिए वरदान होगा। इसके साथ ही सीजीटीएसएमई का सुधार बैंकों को उधार देने के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन देगा।

क्या है ईसीएलजीएस
ईसीएलजीएस एमएसएमई के लिए खास लोन स्कीम है, जिसका ऐलान आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत किया गया था। आर्थिक संकट के मद्देनजर एमएसएमई क्षेत्र की सहायता के लिए 13 मई 2020 को वित्त मंत्रालय द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज के तहत इसका ऐलान किया गया था। पहले इस योजना की डेडलाइन 31 अक्टूबर 2020 तक या फिर 3 लाख करोड़ रु के लोन आवंटित करने तक थी।
किया गया विस्तार
फिर इसे वित्त मंत्रालय के अनुसार सरकार इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ईसीएलजीएस) को 30 नवंबर 2020 तक के लिए बढ़ा दिया गया। कई बार विस्तार के तहत 'ईसीएलजीएस 4.0' के तहत अस्पतालों, नर्सिंग होम, क्लीनिक, मेडिकल कॉलेजों को ऑन-साइट ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट्स स्थापित करने के लिए दिए गए 2 करोड़ रुपये तक के लोन पर 100 फीसदी गारंटी कवर देने की बात कही गयी। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा था कि इसके लिए ब्याज दर 7.5 प्रतिशत तय की गई है।
किसानों के लिए ऐलान
केंद्रीय वित्त मंत्री ने आज संसद में बजट पेश किया। उन्होंने अपने बजट भाषण में कहा कि रबी सीजन 2021-22 में गेहूं की खरीद और खरीफ सीजन 2021-22 में धान की अनुमानित खरीद से 163 लाख किसानों से 1208 लाख मीट्रिक टन गेहूं और धान को कवर देगा। वहीं इस खरीदारी के लिए 2.37 लाख करोड़ रुपये बतौर एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) का सीधा भुगतान होगा, जो किसानों के खाते में जाएगा।


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