नई दिल्ली, अप्रैल 13। बिहार का एक छोटा, ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण शहर है आरा, जो कि पटना से बहुत अधिक दूरी पर नहीं है। भोजपुर और पुराने शाहाबाद जिले का मुख्यालय इस समय आरा ही है। बता दें कि पटना के गांधी मैदान इलाके की तरह ही इस शहर का एक केंद्र है, जो है रमना मैदान। इस मैदान के करीब ही कई चाय की दुकाने हैं। इनमें से एक आईआईटियन चायवाला। जी हां आपने एमबीए चायवाला के बारे में सुना होगा। अब उसी की तर्ज पर आईआईटियल चायवाला सामने आया है। अकसर ऐसी चीजें नाम से बहुत जल्दी प्रसिद्ध हो जाती हैं। इसी नाम के चलते आईआईटियन चायवाला भी चल गया, जिसे एक नहीं बल्कि मित्रों का एक समूह चलाता है। आगे जानिए पूरी कहानी।
कुल्हड़ में चाय
यह चाय की दुकान आईआईटी के अलावा अलग-अलग संस्थानों में पढ़ने वाले टेक्नोलॉजी छात्रों का वेंचर है। ये छात्र मिल कर चाय का बिजनेस चला रहे हैं। ये चाय मिट्टी के कुल्हड़ में परोसते हैं, जिसकी अपनी एक अलग पहचान है। सवाल यह है कि टेक्नोलॉजी के छात्रों ने भला चाय की दुकान क्यों खोली? दरअसल ये आइडिया था आईआईटी मद्रास में डेटा साइंस में बीएससी प्रथम वर्ष के छात्र और टी-स्टॉल खोलने वाले रणधीर कुमार का।
स्टार्टअप है यह बिजनेस
रणधीर के अनुसार यह उनका स्टार्टअप है। उनके साथ कई संस्थानों में पढ़ने वाले तीन दोस्तों ने कारोबार में जुड़ने का फैसला किया। इनमें जगदीशपुर के अंकित कुमार जो खड़गपुर आईआईटी के प्रथम वर्ष के छात्र हैं, बीएचयू में पढ़ने वाले इमाद शमीम और एनआईटी सूरतकल में पढ़ने वाले सुजान कुमार शामिल हैं। ये लोग एक ही कोचिंग में पढ़ते थे और वहीं दोस्त बन गए।
रोजगार को बढ़ावा
इस कारोबार के पीछे उनका मकसद रोजगार को बढ़ावा देना है। इन चारों ने भविष्य में कुछ अलग करने का सोचा था। इससे वे कुछ लोगों को रोजगार देना चाहते थे। उनकी एक चाय की दुकान से 2-3 लोगों को काम मिल गया। आरा के बाद उन्होंने बम्पाली और बाजार समिति में भी स्टॉल खोले हैं। वहीं पटना के बोरिंग रोड पर एक टी-स्टॉल चालू है।
300 स्टॉल खोलने का लक्ष्य
वे 2022 में ही देश भर में 300 स्टॉल खोलना चाहते हैं। उन्हें अपने स्टार्टअप को आगे ले जाने के लिए फंडिंग की जरूरत होगी। मजे की बात यह है कि ये लोग अपने बिजनेस के साथ साथ पढ़ाई जारी रखे हुए हैं। बल्कि उनका कहना है कि इससे उनकी पढ़ाई पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा। असल में उन्होंने आइडिया निकाला और कुछ लोगों को काम पर रख लिया। वे केवल समय-समय पर निगरानी करते हैं।
10 तरह की चाय
इनकी कमाई काफी तगड़ी है। इस चाय की दुकान पर चाय 10 फ्लेवर में मिलती है। इनमें नींबू, आम, संतरा, पुदीना, ब्लूबेरी आदि स्वाद वाली चाय शामिल हैं। ये लोगों को काफी पसंद आ रही है। कुल्हड़ में 10 रुपये में चाय दी जा रही है। साथ ही चाय चूल्हे की आग पर तैयार की जा रही है, जो इसे एक खास स्वाद देती है। आगे चल कर वे यूज्ड कुल्हड़ को हाई प्रेशर वॉटर से धोकर उसमें पौधे लगाएंगे और बहुत ही कम कीमत पर स्टॉलों के माध्यम से ग्राहकों को बेचेंगे।


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