नई दिल्ली, मार्च 6। मोहन रामास्वामी अपने इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक बिजनेस आइडिया पर काम कर रहे थे, जब उन्हें एक म्यूचुअल फ्रेंड के माध्यम से सुखवीर धारीवाल के बारे में पता चला। एक-दूसरे से मिलने के बाद उन्होंने तय किया कि वे एक आदर्श जोड़ी हैं। दोनों ने मिल कर टेरागो लॉजिस्टिक्स की स्थापना की, जो न केवल परेशानी मुक्त और आसान लॉजिस्टिक्स बी2बी और बी2सी बिजनेस के लिए सर्विस प्रोवाइड करती है, बल्कि पर्यावरण में कार्बन उत्सर्जन को कम करने का भी प्रयास करती है। दोनों ने मिल कर 1 लाख रुपये का निवेश किया और बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत करने लगे।
कब हुई बिजनेस की शुरुआत
केनफोलियो की रिपोर्ट के अनुसार मोहन कहते है कि हम दोनों ने टेरागो लॉजिस्टिक्स पर काम करना शुरू किया और 13 नवंबर 2017 को कारोबार शुरू किया। हम दोनों के पास सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स का दशकों का अनुभव और ज्ञान है। ये अनुभव उनके काम आया। सुखवीर मुरादाबाद के रहने वाले हैं, और एमबीए के साथ उन्होंने एफएमसीजी, कंज्यूमर गुड्स इंडस्ट्रीज में सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स में काम किया है। मोहन भी एमबीए हैं और बेंगलुरु के रहने वाले हैं। उनके पास सप्लाई चेन, रसद और बिजनेस प्रोसेसेज को देखने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ काम करने का भी अनुभव है।
तीन तरीकों से चल रही कंपनी
टेरागो लॉजिस्टिक्स के ऑपरेशन के तीन तरीके हैं। इनमें इंटरसिटी ट्रांसपोर्टेशन, इलेक्ट्रिक व्हीकल के माध्यम से इंटरसिटी लास्ट माइल डिलीवरी और लॉजिक्समाइल। दोनों ने कंपनी को 'फिजिटल' कहा है, क्योंकि उनकी कंपनी बी2बी और बी2सी को ट्रांसपोर्ट के एक ही तरीके से नहीं बल्कि सभी माध्यमों से फिजिकल और डिजिटल दोनों प्रकार की लॉजिस्टिक्स सेवाएं प्रदान करती है।
बड़े ब्रांड्स के साथ किया काम
कंपनी के ऑपरेशन के चार वर्षों में उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया, एबिनबेव, कार्ल्सबर्ग्स, मोल्सन कूर्स और कई अन्य ब्रांडों के साथ काम किया है। कंपनी प्रमुख रूप से कंज्यूमर गुड्स, खाद्य और पेय पदार्थ, औद्योगिक सामान, रिटेल और कई अन्य सेवाओं में लगी हुई है। टेरागो की सेवाएं 12 मेट्रो शहरों जैसे दिल्ली, नोएडा, बैंगलोर, जयपुर, अहमदाबाद और अन्य में उपलब्ध हैं। कानपुर और चितूर में भी कंपनी की मौजूदगी है।
6 करोड़ रु पर पहुंचा कारोबार
कंपनी के भागीदारों का दावा है कि टेरागो लॉजिस्टिक्स सभी रसद समस्याओं के लिए सबसे तेज़ और वन-स्टॉप सॉल्यूशन है। मोहन के अनुसार नोटबंदी, जीएसटी लागू होने और फिर कोरोनावायरस महामारी के बावजूद हम इंडस्ट्री में बचे रहने और बढ़ने का प्रबंधन कर रहे हैं। उनकी कंपनी की इनकम 6 करोड़ रु पर पहुंच गयी है। टेरागो लॉजिस्टिक्स, लॉजिस्टिक्स सेवाएं प्रदान करते हुए, इलेक्ट्रिक वाहनों के माध्यम से कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए भी अपना योगदान दे रही है, जो हवा में कार्बन उत्सर्जन को कम या समाप्त करते हैं। शहरी क्षेत्रों में इसका अधिक प्रभाव पड़ता है जहां लाखों लोग कार चलाते हैं। अब तक इसके पास बैंगलोर, चेन्नई और दिल्ली में इंट्रा सिटी ट्रांसपोर्टेशन के लिए लगभग 50 वाहन हैं।
कोरोना काल में दी लोगों की नौकरी
कोरोनावायरस महामारी के दौरान बहुत से लोगों को नौकरी से निकाल दिया गया। कुछ को वेतन में कटौती का सामना करना पड़ा। मगर टेरागो लॉजिस्टिक्स ने अपने कर्मचारियों के साथ ऐसा कुछ नहीं किया। इसके अलावा वास्तव में कंपनी ने कुछ और कर्मचारियों को काम पर रखा और बेहतर प्रदर्शन के लिए ट्रेन किया।
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