उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अगले वर्ष महाकुंभ मेले का आयोजन होने जा रहा है। ऐसे में प्रदेश की योगी सरकार इस आयोजन को सफल बनाने के हर संभव प्रयास कर रही है। महाकुंभ मेले के लिए प्रस्तावित कार्यों के लिए बजट आवंटित करने के लिए प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इस मेले के लिए बजट आवंटित करने के लिए वित्त विभाग से अनुमति लेने की बाध्यता को खत्म कर दिया गया है। इस प्रस्ताव को यूपी कैबिनेट बाई सर्कुलेशन में मंजूरी दे दी गई है।
गौर करने वाली बात है कि महाकुंभ की तैयारी के लिए कुल 2500 करोड़ रुपए के बजट को मंजूर किया गया है। मेले के लिए नगर विकास विभाग को नोडल नामित किया गया है। इससे संबंधित विभागों के कार्य के लिए बजट आवंटन की जिम्मेदारी नगर विकास विभाग को दी गई है। मौजूदा व्यवस्था में बजट आवंटन से पहले नगर विकास विभाग को वित्त विभाग से अनुमति लेनी जरूरी थी, लेकिन योगी सरकार ने इस बाध्यता को खत्म कर दिया है।

यही नहीं मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 27 सदस्यीय उच्च स्तरीय समिती का भी गठन किया गया है। यह कमेटी मेले में होने वाले कामों की मंजूरी देगा। बजट जारी करने में विलंब ना हो इसके लिए प्रदेश सरकार ने यह अहम बदलाव किया है। इसके साथ ही योगी सरकार ने कई अन्य प्रस्तावों के लिए भी कैबिनेट बाई सर्कुलेशन को मंजूरी देदी है।
मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में हुई बैठक में महाकुंभ के लिए 395 करोड़ रुपए की 21 परियोजनाओं पर मुहर लगा दी गई है। बता दें कि यहां अगले वर्ष 13 जनवरी से स्नान प्रारंभ हो जाएगा और 29 जनवरी से लेकर 8 मार्च तक महाकुंभ मेला चलेगा। इससे पहले 2019 में प्रयागराज में अर्धकुंभ मेले का आयोजन किया गया था।


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