उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर हमे पीएम मोदी के विजन के अनुरूप प्रदेश को 2027-28 तक एक ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनना है तो हमे वर्तमान की विकास दर को तीन गुना अधिक रफ्तार के साथ आगे बढ़ाना पड़ेगा। सीएम ने कहा ने कहा कि 'नए भारत' के 'नए उत्तर प्रदेश' में देश के अन्नदाता किसानों का भरपूर सम्मान होता है।
उनके परिश्रम व पुरुषार्थ के सामने शासन नतमस्तक होकर सम्मान देता है। आपका परिश्रम और पुरुषार्थ ना सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि प्रदेश और देश को दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर स्थापित करने का काम कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती अब घाटे का सौदा नहीं है, प्रदेश में 2.25 लाख करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि अब तक गन्ना किसानों के खाते में दे चुके हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि किसानों के परिश्रम व पुरुषार्थ से न केवल उत्तर प्रदेश का सम्मान बढ़ रहा है, बल्कि किसान 'विकास यात्रा' का हिस्सा बनकर उत्तर प्रदेश को देश की अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने में भी मदद कर रहे हैं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2027-28 तक एक ट्रिलियन डॉलर का आकार देने के लिए हमें कृषि विकास दर को तीन गुना रफ्तार से आगे बढ़ाना होगा।
आपके परिश्रम का परिणा है कि हमने अपने विकास की रफ्तार को 9 फीसदी तक पहुंचाया है। हमे इन संभावनाओं को परंपरागत खेती के साथ-साथ सब्जी, स्ट्राबेरी, नैचुरल की दिशा में भी काम करेंगे। सरकार की ओर से कहा गया है कि निजी ट्यूबवेल जितने भी लगाए गए हैं उन्हें हम फ्री में बिजली देंगे, जिससे उनपर कम बोझ पड़े।
डीजल से चलने वाली जितने भी ट्यूबवेल हैं उन्हें हम सोलर पैनल देंगे। इसको लेकर हम एक बैठक करके इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हमारा पूरा प्रयास है कि किसानों को हर संभव मदद मुहैया कराई जाए जिससे कि उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत ना हो और पीएम मोदी के 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के विजन में उत्तर प्रदेश भी अपना योगदान दे सके। उत्तर प्रदेश में पूरी संभावना है, हमे मौजूदा विकासकी रफ्तार सी तीन गुना तेज चलना होगा।


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