उत्तर प्रदेश की योगी सरकार 2027 तक प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। प्रदेश सरकार इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कई अहम कदम उठा रही है ताकि प्रदेश के राजस्व को बढ़ाया जा सके। पिछले एक वर्ष की बात करें तो प्रदेश के जीएसडीपी में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।
प्रदेश की कुचल जीएसडीपी 2016-17 में 12.89 लाख करोड़ रुपए थी जोकि 2023-24 में बढ़कर 24.39 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। सरकार की ओर से जो आंकड़े मुहैया कराए गए हैं उसके अनुसार प्रदेश का क्रेडिट डिपॉजिट रेशियो 2.29 फीसदी बञ़कर इस वर्ष 54.67 फीसदी हो गया है।

इस वर्ष जून माह तक की बात करें तो 26802 करोड़ रुपए रिलीज किए गए थे जोकि 17.1 फीसदी का उछाल है। मौजूदा वित्त वर्ष की बात करें तो जीएसटी और वैट कलेक्शन 1.5 लाख करोड़ रहने की अपेक्षा है। उत्तर प्रदेश में जीएसटी के अंतर्गत सर्वाधिक व्यापारी रजिस्टर्ड हैं। उत्तर प्रदेश में डिजिटल लेनदेन में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। यह तकरीबन तीन गुना बढ़ गया है। पिछले पांच साल में डिजिटल ट्रांजैक्शन उत्तर प्रेदश में पांच गुना बढ़ा है, देश में डिजिटल लेनदेन के मामले में उत्तर प्रदेश देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है।
उत्तर प्रदेश में डिजिटल लेनदेन 117432 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। वहीं कैशलेस लेनदेन भी काफी बढ़ा है। डिजिटल लेनदेन में जो पिछड़े जिले हैं वहां पर खास अभियान चलाया जा रहा है। चंदौली, चित्रकूट, फतेहपुर, सोनभद्र में डिजिटल लेनदेन को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। वर्ष 2022-23 में बैंकिंग बिजनेस 70 हजार करोड़ रुपए तक बढ़ गया और यह 11.06 लाख करोड़ तक पहुंच गया।


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