आम जन की समस्याओं के निस्तारण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार सक्रिय रहते हैं। इसके लिए वह प्रदेश के शीर्ष अधिकारियों को भी स्पष्ट तौर पर निर्देश देते हैं। अधिकारियों को योगी आदित्यनाथ ने साफ तौर पर कहा है कि वह लोगों की समस्याओं का निस्तारण त्वरित करने का प्रयास करें।
दरअसल तमाम प्रदेश के अधिकारियों को सीयूजी नंबर दिया जाता है। यह सरकारी नंबर होता है, जोकि संबंधित अधिकारियों को लोगों से सीधा संवाद स्थापित करने के लिए दिया जाता है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि जब इन नंबर पर फोन किया जाए तो यह स्विच ऑफ आता है। लेकिन अब मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि यह नंबर आपको लोगों की समस्या को सुनने के लिए दिया गया है।

योगी आदित्यनाथने कहा कि सरकार के प्रत्येक अधिकारी कि जिम्मेदारी है कि वह जनता की समस्याएं और उनकी अपेक्षाएं सुनें तथा एक तय समय सीमा के भीतर निस्तारण करें। उन्हें लटकाएं नहीं, समाधान दें। कॉमन मैन की संतुष्टि ही आपके काम का मानक है। आम आदमी का विश्वास जीतें
जिस तरह से मुख्यमंत्री की ओर से अधिकारियों को निर्देश दिया गया है उससे साफ है कि मुख्यमंत्री आम लोगों की समस्याओं के निस्तारण में देरी बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि फील्ड में तैनात अधिकारियों को सीयूजी फोन जनता के लिए दिए गए हैं। इसे 24 घंटे चालू रखें। हर अधिकारी यह फोन स्वयं रिसीव करें। जनप्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी अपेक्षाओं-समस्याओं को सुनें। मेरिट के आधार पर उसका निस्तारण करें।
मुख्यमंत्री खुद लोगों की समस्याओं को जनता दरबार लगाकर सुनते हैं। गोरखपुर में मुख्यमंत्री खुद अक्सर जनता दरबार के माध्यम से लोगों की समस्या को सुनते हैं। योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखनाथ मंदिर परिसर में जनता दर्शन में अलग-अलग जनपद से आए लोगों की समस्या को सुना।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन समस्याओं को दूर करने में किसी भी तरह का कोई विलंब ना हो। उनका निराकरण प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए।


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