लोकसभा चुनाव समाप्त होने के साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रदेश के युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार देने की तैयारी में जुट गए हैं। जिस तरह से बेरोजगारी के मुद्दे पर विपक्ष लगातार सरकार को घेरती रही है, उसके बाद सरकार सरकार एक्शन मोड में आ गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अलग-अलग विभाग में जो पद रिक्त पड़े हैं उनके आंकड़े जल्द से जल्द चयन आयोग के पास भेजे जाएं। इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सूचनाओं को ऑनलाइन करने का भी निर्देश दिया गया है।

खाली पड़े पद भरे जाएं
जो भर्तियां होने जा रही हैं उसमे किसी भी तरह की गड़बड़ी ना हो इसे भी योगी सरकार हर संभव सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है। यही वजह है कि विभागों में खाली पड़े पदों के आंकड़े भेजने से पहले नियमावली की बारीकी से जांच करने के लिए कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने अपनी मंशा को साफ कर दिया है कि वह जल्द से जल्द खाली पड़े पदों को भरना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जिन विभागों में रिक्तियां की जानी हैं, वहां तत्काल अधियाचन चयन आयोगों को भेजा जाए। नियुक्ति प्रक्रिया में सरलता के लिए ई-अधियाचन की व्यवस्था का उपयोग किया जाए।
तय समय सीमा में भर्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति के लिए अधियाचन भेजने से पहले पहले नियमावली का सूक्ष्मता से परीक्षण कर लिया जाए। चयन आयोगों से संपर्क बनाएं, सही अधियाचन भेजें और चयन प्रक्रिया की समय सीमा को तय करें।
मुख्यमंत्री ने इस बात को भी सुनिश्चित करने को कहा है कि गर्मी के महीने में परीक्षाएँ ना कराई जाएं, भीषण गर्मी में परीक्षा का आयोजन करने से बचें। परीक्षा कार्यक्रम इस तरह के हों कि 10 मई से पहले इसे पूरा करा लिया जाए।
पार्टी को फिर से मजबूत करने में जुटे
यूपी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। पार्टी को इस बार प्रदेश में सिर्फ 33 सीटों पर जीत मिली है। लिहाजा योगी आदित्यनाथ प्रदेश में एक बार फिर से पार्टी की स्थिति को मजबूत करने में जुट गए हैं।
उन्होंने ना सिर्फ अलग-अलग विभागों में खाली पड़े पदों को भरने का फैसला लिया है बल्कि सभी विभागों के साथ बैठक के दौरान स्पष्ट तौर पर कहा है कि वर्तमान बजट में जो तय धनराशि है उसे समुचित तौर पर खर्च करना सुनिश्चित करें।
अधिकारियों की प्रोन्नति-तैनाती पर जोर
साथ ही जीएसटी संग्रह को भी तेज करने का मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है। यही नहीं मुख्यमंत्री ने लक्ष्य आधारित, बेहतर प्रदर्शन के आधार पर पदोन्नति और तैनाती करने का भी निर्देश दिया है।
भीषण गर्मी में भी बिजली आपूर्ति सुचारू
इस बार रिकॉर्ड गर्मी पड़ रही है लेकिन भीषण गर्मी के बीच भी प्रदेश में बिजली का संकट नहीं देखने को मिला है। प्रदेश में बिजली की आपूर्ति सुचारू रूप से की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर निर्देश दिया है कि अनावश्यक बिजली कटौती ना करें, ट्रांसफॉर्मर जलने, ट्रिपिंग और तार टूटने जैसी समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाए।


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