मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों के खातों में डीबीटी जरिए 13 हजार 320 करोड़ रूपए की राशि भेजी। मुख्यमंत्री साय ने जब ये धनराशि ट्रांसफर की तब कई लाभार्थियों की आंखों में आंसू झलक पडें। बालोद की महिला किसान खोमिन बाई ठाकुर भी उन्हीं लाभार्थियों में से एक थीं जो योजना के तहत धनराशि मिलने पर भावुक हो उठी।

दरअसल, महिला किसान खोमिन बाई ठाकुर के पति का कुछ वर्षों पहले ही निधन हो गया था पति की मौत के बाद किसानी करके वो ही अपने परिवार का पेट पाल रही हैं। आज जब उनके खाते में उनके आदान सहायता की राशि मिली तब वह अपने पति को याद कर भावुक हो उठी। मुख्यमंत्री श साय ने भी खोमिन बाई को ढांढस बंधाया। खोमिन बाई के खाते में 5 लाख 77 हजार 710 रूपए की आदान सहायता राशि आई है।
बरबसपुर की रहने वाली महिला किसान खोमिन बाई ने कहा कि पहले खेती किसानी में लागत अधिक लगने से कम लाभ होता था पर अब मुख्यमंत्री जी ने प्रति एकड़ 21 किविंटल धान खरीदने और धान की कीमत 3100 रुपये में देने से खेती-किसानी लाभप्रद हो गई है। ऐसे किसान हितैषी सरकार के मुखिया विष्णुदेव साय और प्रधानमंत्री शनरेन्द्र मोदी जी को हृदय से धन्यवाद देती हूं।
खोमिन बाई ने बताया पति का निधन कोविड से हुआ है। तब से वह खेती-किसानी कर परिवार की जिम्मेदारी को वहन कर रही है। उन्होंने बताया कि चार लोगो का भरा पूरा परिवार था, लेकिन होनी को कौन टाल सकता है, फिर भी वह पूरे हिम्मत के साथ परिवार के पालन पोषण कर रही है। उनका एक लड़का है वह 12वी तक पढ़ाई किया है और एक लड़की वर्तमान में दुर्ग में बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है।
उन्होंने बताया बताया कि उनके पास कुल 30 एकड़ जमीन हैं। इस वित्तीय वर्ष में बेचे गए धान का समर्थन मूल्य की राशि 13 लाख 75 हजार रूपए पहले ही मिल चुकी है। अंतर की राशि आज मुख्यमंत्री साय के हाथों पाकर मुझे काफी खुशी हो रही है। मैंने 5 एकड़ में रबी फसल की बोनी की है। समर्थन मूल्य और राज्य सरकार द्वारा घोषित किए गए उपार्जन मूल्य के अंतर की राशि के रूप में उन्हें 5 लाख 77 हजार 710 रूपए की राशि मिली है। इस राशि से वह खेती-बाड़ी और बच्चों की पढ़ाई में खर्च करेगी।


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