पीएम जनमन योजना के तहत उत्‍तराखंड के जानजातीय क्षेत्रों को सड़कों से जोड़ा जाएगा

प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) के तहत उत्‍तराखंड के जनजातीय बहुल्‍य क्षेत्रों को सड़कों से जोड़ा जाएगा। इस योजना के तहत उन क्षेत्रों को सड़कों से जोड़ा जाएगा जहां की आबादी 100 से अधिक होगी। यहां पर सड़कों और पुलों की डीपीआर बनाने का काम शुरू किया जा चुका है।

cm dhami

बता दें उत्‍तराखंड में पांच जनजातियां भोटिया, थारू, जौनसारी, बोक्‍सा और राजी बसी हुई जिन्‍हें साल 1967 में अनुसूचित जनजाति घोषित किया गया था। इन जनजातियों में बोक्सा और राजी खास तौर पर कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) में शामिल हैं।

उत्‍तराखंड की इन जनजातीय क्षेत्रों का प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) योजना के अंतर्गत चयन किया गया है।

उत्तराखंड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की नोडल एजेंसी यूआरआरडीए (उत्तराखंड रूरल रोड डेवलपमेंट एजेंसी) को सड़क और पुलों के निर्माण की जिम्‍मेदारी सौंपी गई है।

इस योजना के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी कमेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि इस योजना के तहत उत्‍तराखंड में पहले चरण में देहरादून जिले से हसनपुर, हरिद्वार की जसपुर चमरिया, चंपावत की खिर्दवाड़ी और पिथौरागढ़ की छिपलतरा बसावटों के सड़क मार्ग को जोड़ने का कार्य शुरू किया जा चुका है।

योजना के अधिकारी ने ये भी बताया कि इन बसावटों को मुख्‍य सड़कों से जोड़ने के लिए आठ पुलों और चार सड़कों का निर्माएण करवाया जाएगा। मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी सिंह ने बताया इन सड़कों और पुलों के लिए डीपीआर बनाने का काम शुरू हो चुका है। जिसे जल्‍द की केंद्र सरकार के पास स्‍वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इस योजना के तहत 2 किमी से लेकर 13 किमी तक की सड़क का निर्माण करवाया जाएगा।

गौरतलब है कि इस योजना की शुरूआत 15 नवंबर को की गई। योजना के तहत देश में अनुसूचित जनजातियों का डेवलेमेंट किया जाना है। ये वो अनुसूचितक जनजातियां हैं जो पिछड़ी हुई हैं। जनजातीय मंत्रालय समेत नौ मंत्रालयों के जरिए इसके तहत 11 अहम जगहों पर ध्‍यान केन्द्रित किया जाएगा। संपर्क मार्ग का निर्माण भी इनमें से एक है।15 नवंबर को देशभर में शुरू हुई इस योजना के तह उत्तराखंड को फिलहाल चार सड़कें और आठ पुल मिले हैं।

इस योजना का शुभारंभ पीएम मोदी ने 15 नवंबर को किया था। योजना के तहत देश में अनुसूचित जनजातियों का विकास किया जाएगा। ये वह अनुसूचित जनजातियां होंगी जो सबसे पिछड़ी होंगी। इसके तहत जनजातीय मामलों के मंत्रालय सहित नौ मंत्रालयों के माध्यम से 11 महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। संपर्क मार्ग का निर्माण भी इनमें से एक है।

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+