उत्तराखंड में डबल इंजन की सरकार विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है। इस बीच केंद्र ने राज्य को बड़ी राहत दी है। उत्तराखंड में चालू वित्तीय वर्ष में निर्माण और इंफ्रस्टक्चर को मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने ऋण की सीमा एक बार फिर बढ़ा दी है।
उत्तराखंड में चालू वित्तीय वर्ष में निर्माण और अवस्थापना विकास के कार्यों के लिए ऋण लेने की सीमा 5500 करोड़ रुपए थी, जिसे अब केंद्र ने बढ़ा दी है। केंद्र के इस कदम से सशक्त उत्तराखंड के संकल्प को पूरा करने के लिए पर्यटन, कृषि समेत विभिन्न क्षेत्रों में निवेश के साथ ही पेयजल, स्वास्थ्य, बिजली समेत आवश्यक सेवाओं और सुविधाओं के मोर्चे पर इंफ्रस्टक्चर विकास में तेजी आएगी।

ऋण सीमा बढ़ाए जाने के बाद उत्तराखंड को केंद्र से मिलने वाली सहायता के साथ ही ऋण लेने में आसानी होगी। इसके साथ ही धामी सरकार अपने प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ा सकती है।
कर्ज बोझ के थोड़ी राहत
उत्तराखंड पर प्रति वर्ष बढ़ रहे भार को नियंत्रित करने के लिए प्रदेश सरकार फूंक-फूंक कर कदम आगे बढ़ा रही है। पिछले दो वित्तीय वर्षों में भी ऐसा ही किया गया। इससे ऋण को कुछ हद तक नियंत्रित करने में सफलता मिली। साथ ही ऋण और ब्याज की अदायगी को भी प्रमुखता दी गई। इसी का परिणाम यह रहा कि तेजी से बढ़ रहा ऋण भार 80 हजार करोड़ की सीमा को लांघ नहीं पाया, जबकि इसके कयास लगाए जा रहे थे।


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