उत्तर प्रदेश में योगी सरकार को सात वर्ष से अधिक का समय हो गया है। प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में कई बड़े बदलाव हुए हैं। ऐसे में यह लोकसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी के लिए कई मायनों में अहम है। एक तरफ जहां यह चुनाव यह सुनिश्चित करेगा कि केंद्र में किसकी सरकार होगी तो दूसरी तरफ योगी सरकार की नीतियों पर भी यह चुनाव मुहर लगाएगा।
प्रदेश में राम मंदिर के निर्माण के बाद यह पहला चुनाव है, ऐसे में राम मंदिर पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया है, यह भी इस चुनाव में नजर आएगा। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई बार अयोध्या का दौरा किया है। उत्तर प्रदेश में 50 से अधिक उत्सव और महोत्सव के आयोजन किए गए हैं। ये आयोजन मुख्य रूप से अयोध्या, काशी, मथुरा में हुए।

अयोध्या में सरकार ने 22 लाख से अधिक दीपों को जलाकर विश्व कीर्तिमान अपने नाम किया। वहीं भगवान बुद्ध से जुड़े प्रतीकों को देखने के लिए दुनियाभर से पर्यटक उत्तर प्रदेश में आते हैं। पिछले एक वर्ष में उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड 44 करोड़ से अधिक पर्यटक आए हैं। यह अपने आप में एक बड़ा कीर्तिमान है। यह आंकड़ा इस बात को भी दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं।
धार्मिक प्रतीकों से लोगों की अटूट आस्था जुड़ी होती है। करोड़ लोगों का विश्वास इन जगहों से जुड़ा है। इस विश्वास को बनाए रखने के लिए योगी आदित्यनाथ मथुरा से लेकर गोरखपुर, काशी में अक्सर सक्रिय रहते हैं और यहां पर्यटन की संभावनाओं को बेहतर करने के लिए कदम उठाते रहते हैं।
योगी आदित्यनाथ को काफी सख्त प्रशासक के तौर पर जाना जाता है। खुद पीएम मोदी भी उनकी तारीफ करते हैं। उन्होंने योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि योगी जी अपराधियों के खिलाफ सख्त हैं। प्रदेश में बहन बेटियों और आम लोगों के लिए उनकी संवेदना स्पष्ट तौर पर दिखता है।


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