अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देश रही नहीं विदेश में जमकर तारीफ हो रही है। भव्य राम मंदिर निर्माण के बाद योगी सरकार अब राज्य भर के मंदिरों का रखरखाव के लिए बड़ निर्णय लिया है।

अयोध्या और वाराणसी के बाद अब राज्य के छोटे मंदिरों के रखरखाव और सौंदर्यीकरण करने पर ध्यान दे रही है। इसका उद्देश्य राज्य के साथ मंदिरों का विकास हो सके और पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। योगी सरकार यूपी के 75 जिलों के 300 से ज्यादा छोटे-बड़े मंदिरों के रखरखाव और सौंदर्यीकरण करवा रही है जिस पर 150 करोड़ रुपये आ रहा है।
इन मंदिरों को चयन जिले के जिलाधिकारी या स्थानीय लोगों के द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर सौंदर्यीकरण करवाने के लिए चुना गया है।
जिन मंदिरों को सौंदर्यीकरण के लिए चुना गया है उनमें अयोध्या का हाथी राम बाबा मंदिर, अंबेडकर नगर का शिव बाबा मंदिर, बाराबंकी का महादेव मंदिर, अमेठी का राम-जानकी मंदिर, गोंडा का झाली धाम मंदिर, बहराइच का बाबा बिहारी दास मंदिर, बलरामपुर का मां पाटेश्वरी देवी मंदिर के साथ गोरखपुर का झारखंडी मंदिर, आगरा के बटेश्वर धाम मंदिर, फिरोजाबाद का रुपाणी देवी मंदिर, अलीगढ़ का अमानी बाबा मंदिर, एटा का कैलाश मंदिर, हाथरस का तारागढ़ मंदिर, मैनपुरी का लालपुरी मंदिर और मथुरा का लक्ष्मी मंदिरशामिल है.
इन सभी मंदिरों की लिस्ट सरकार के पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय के द्वारा कंस्ट्रक्शन एजेंसी को सौंपी जा रही है। मंदिरों के रखरखाव और सौंदर्यीकरण पर आने वाले खर्च का ब्यौरा तैयार हो रहा है, इसके बाद जल्द मंदिरों के सौंदर्यीकरण का काम आरंभ हो जाएगा।
इन मंदिरों के सौंदर्यीकरण पर 50 लाख से 2 करोड़ रुपए तक की राशि आवंटित की गई है, वहीं बड़े मंदिरों के लिए इससे भी अधिक धनराशि का आवंटित किया गया है।


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