इजराइल में मानव संसाधन की आपूर्ति के लिए केंद्र सरकार की ओर से पहल की गई है। जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इसके लिए एक हफ्ते के लिए भर्ती कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह भर्ती कार्यक्रम लखनऊ के अलीगंज स्थित आईटीआई में चल रहा है।
एक हफ्ते तक यहां पर इजराइल से आई टीम 4600 उम्मीदवारों का टेस्ट लेगी, इसमे मुख्य रूप से लोहे की सरिया को मोड़ने, टाइल लगाने वाले, शटरिंग कारपेंटर की भर्ती की जाएगी। चयनित उम्मीदवारों को की सैलरी प्रति माह 1.37 लाख रुपए तक होगी। इसके साथ ही उन्हें मेडिकल इंश्योरेंस, फूड, रहने की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी।

प्रदेश सरकार में श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि इजराइल में प्रशिक्षित श्रमिकों की जरूरत है। नए निर्माण कार्य के लिए इस तरह के श्रमिकों की काफी आवश्यकता है। ऐसे में यह एक बड़ा मौका है भारत और इजराइल दोनों के लिए इजराइल और भारत दोनों ही श्रमिकों की दशा को बदलने के अवसर तलाश रहे है।
ट्रेनिंग एंड इम्पलॉयमेंट के डायरेक्टर कुनाल सिल्कू ने कहा कि इजराइल को निर्माण कार्य के लिए श्रमिकों को मुहैया कराने का जिम्मा एनएसडीसी इंटरनेशनल एजेंसी ने लिया है जोकि भारत सरकार की स्किल डेवलपमेंट एंड ऑन्टरप्रिन्यूरशिप के तहत आती है। इसके साथ ही इजराइल की पीआईबीए भी इसमे मदद कर रही है।
इजराइल और हमास के बीच टकराव के बाद इजराइल में निर्माण कार्य के लिए बड़ी संख्या में श्रमिकों की आवश्यकता है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए भारत और अन्य देशों से श्रमिकों की भर्ती की जा रही है। आगरा, कानपुर और लखनऊ के 629 श्रमिकों का टेस्ट मंगलवार को लिया गया है। जबकि अघले चरण में 585 श्रमिक जोकि आजमगढ़, बांदा डिविजन से आए हैं उनका आज टेस्ट हो रहा है। बरेली, झांसी, नोएडा, मुरादाबाद, देवीपाटन के 563 श्रमिकों का टेस्ट 25 जनवरी को होगा। ववाराणसी, मिर्जापुर, मेरठ, गाजियाबाद के 656 श्रमिकों का टेस्ट 27 जनवरी को होगा। गोरखपुर डिवीजन के 877 श्रमिकों का टेस्ट 28 जनवरी, अयोध्या और सहारनपुर डिवीजन के 739 श्रमिकों का टेस्ट 29 जनवरी, अलीगढ़, बस्ती, प्रयागराज डिवीजन के 603 श्रमिकों का टेस्ट 30 जनवरी को होगा।


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