उत्तर प्रदेश में उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में जबरदस्त बदलाव हो रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में प्रदेश में क्रांतिकारी बदलाव की वजह से आर्थिक विकास की रफ्तार भी काफी बढ़ी है। एनुअल सर्वे ऑफ इंडस्ट्रीज की ओर से हाल ही में जो रिपोर्ट सामने आई है उसके अनुसार देश के विकास में उत्तर प्रदेश का योगदान काफी अहम है। 2016 से 2020 के बीच उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड संख्या में फैक्ट्रियां लगी हैं, इन कंपनियों का सीएजीआर 14 फीसदी से बढ़ा है
कोरोना के बाद फैक्ट्रियों में विकास की दर तकरीबन 6 फीसदी औसतन रही है। जबकि 2022 में यह 7 फीसदी तक पहुंच गई है, जोकि 2021 में 6.6 फीसदी थी। इसी तरह से रोजगार सृजन के मामले में भी सीएजीआर 2016 में 4.7 फीसदी था जोकि 2020 में 6.8 फीसदी तक पहुंच गया है, जबकि भारत में रोजगार सृजन सीएजीआर 6.6 फीसदी है।

वित्त वर्ष 2022 में रोजगार विकास दर 14 फीसदी थी। वित्त वर्ष 2021 से अगर तुलना करें तो इसमे 7.1 फीसदी से 7.6 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। ऐसे में स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार की ग्रोथ को लेकर नीति रंग ला रही है। प्रदेश में निवेश आने से ना सिर्फ विकास दर बढ़ रही है बल्कि रोजगार का सृजन भी स्पष्ट तौर पर देखने को मिल रहा है।


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