UP News: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले 16 हजार श्रमिकों को इजराइल भेजने का फैसला किया है। पहले चरण में 10 हजार काम करने की इच्छुक निर्माण श्रमिकों की लिस्ट तैयार की गई है। इन वर्करों को जनवरी के अंत में भेजा जाएगा। निर्माण श्रमिकों को कम से कम 1 वर्ष अथवा 3 वर्ष तक सेवा अनिवार्य रूप से देनी होगी। उसके साथ ही कामगारों को अंग्रेजी भाषा बोलने लिखने और समझने का ज्ञान होना चाहिए।
श्रमिक और उसके परिवार के लोगों में इससे पूर्व इजराइल में काम ने किया हो। उसमें कामगारों को 1 लाख 38 हजार रुपए प्रति माह वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा 15 हजार रुपए प्रतिमाह बोनस और फंड भी मिलेगा। निर्माण श्रमिक की आयु 21 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आने-जाने का किराया नहीं लगेगा। पासपोर्ट ना होने पर तत्काल बनवा सकते हैं।

श्रम विभाग के जरिए इजराइल पर जाकर कामगारों को अच्छी सैलरी पाने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। निर्माण श्रमिकों को एनएसडीसी इंटरनेशनल के जरिए भेजा जाएगा। जाने की इच्छुक लोगों के पास काम का अनुभव होने के साथ ही हाई स्कूल तक शिक्षा भी जरूरी है। जबकि आयु सीमा 25 से 45 साल के बीच रखी गई है। जहां तक वेतन का सवाल है तो इसराइल जाने वाले निर्माण श्रमिकों को हर महा 6100 इजरायली न्यू शेकेल करेंसी मिलेगी। इसे यदि भारतीय मुद्रा में देखे तो करीब एक लाख 38 हजार रुपए होगी। जाने वालों को अपने रहने और चिकित्सा बीमा का पैसा खुद देना होगा।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि इजराइल में काम करने के लिए निर्माण श्रमिकों की आवश्यकता है। अगर कोई श्रमिक इजराइल में काम करने का इच्छुक है तो आवेदन श्रम कार्यालय में जमा करवा सकता है। सेरेमिक टाइल, प्लास्टरिंग, फ्रेमवर्क, शटरिंग, कारपेंटर, आयरन बेंडिंग आदि में जॉब है। इच्छुक श्रमिक जल्द से जल्द अपना आवेदन कर सकते हैं।


Click it and Unblock the Notifications