UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश में बढ़ रही ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन को देखते हुए प्रदेश में स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा उत्पादन स्रोतों को प्रोत्साहन देने के लिए अधिकारियों को ग्रीन हाइड्रोजन नीति लागू करने के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी ने इस विषय की एक ड्राफ्ट पॉलिसी को देखते हुए कहा कि पॉलिसी को अंतिम रूप देने से पूर्व इस क्षेत्र में काम करने वाले स्टेट होल्डर से भी परामर्श लिया जाए। ताकि निवेशकों और उपयोगकर्ताओं को इसका ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके।
सीएम योगी चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश भी गैर पारंपरिक ऊर्जा विकल्पों की और तेजी से बढ़े। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन एक स्वच्छ ऊर्जा होने के कारण नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक है। हमें इसे प्रोत्साहित करना होगा। उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी पर काम करने वाली फर्मों को ज्यादा से ज्यादा इंसेंटिव देकर प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए हैं।

सीएम योगी ने कहा कि इस क्षेत्र में इकाई लगाने वाली कंपनियों को भूमि की उपलब्धता के साथ स्टैम्प ड्यूटी में भी छूट दी जाएगी और उन्हें इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी, कैपिटल और इंट्रेस्ट सब्सिडी सहित कई आकर्षक इंसेंटिव का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस समय मौजूद ड्राफ्ट को पॉलिसी का अंतिम रूप देने से पहले देश के अलग-अलग राज्यों की संबंधित नीति का अध्ययन करने के भी निर्देश दिए हैं।
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को औपचारिक तौर पर मंजूरी दे चुकी है। सरकार ने साल 2021 के स्वतंत्रता दिवस पर इस मिशन की घोषणा की थी। आपको बता दें कि हाइड्रोजन प्रकृति में पाया जाने वाला बेहद आम तत्व है। जो अन्य तत्वों के साथ संयोजन में मौजूद है। इसके इस्तेमाल से प्रकृति को भी नुकसान पहुंचने से बचाया जा सकता है।


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