UP News: उत्तर प्रदेश में डेयरी सेक्टर में लगभग 9000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इससे हजारों की तादाद में रोजगार पैदा होंगे। बनासकांठा डीसीएमपीयू लि. अब प्रथम चरण में रोजाना 10 लाख लीटर दूध की हैंडलिंग क्षमता के साथ एक डेयरी इकाई स्थापित करने की योजना बना रहा है।

दुग्ध उत्पादन के प्रकरण में यूपी देश में नंबर वन है। प्रदेश में श्वेत क्रांति लाने के प्रयासों का ही परिणाम है कि इस सेक्टर ने न सिर्फ 9000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया है, जबकि युवाओं को रोजगार भी मिलने जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में वाराणसी में बनास काशी संकुल का शुभारंभ किया है। इससे पूर्वांचल के लाखों नागरिकों के लिए रोजगार सृजित होगा।
दुग्ध आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने जानकारी दी कि बनासकांठा डीसीएमपीयू लि. अब प्रथम चरण में रोजाना 10 लाख लीटर दूध की हैंडलिंग क्षमता के साथ एक डेयरी इकाई स्थापित करने की योजना बना रहा है। इसे दूसरे चरण में प्रतिदिन 15 लाख लीटर तक बढ़ाया जा सकता है। कंपनी ने बागपत में 800 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इससे 4000 रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। इसी तरह सीपी मिल्क एंड फूड प्रोडक्ट्स प्रा. लि. अभी उत्तर प्रदेश में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगा रहा है। वहीं, यूपी में अपनी यूनिटों को विस्तार देने के क्रम में कंपनी ने बाराबंकी में 300 करोड़ रुपये का निवेश किया है।
इसके अलावा स्मार्ट ग्रिड गोंडा में 1100 करोड़ रुपये की लागत से इकाई लगाने जा रही है। रिंकू डेयरी बरेली में 490 करोड़ और शाहजहांपुर में 300 करोड़ से उद्यम स्थापित कर रहा है। मित्र सेवा इंश्योरेंस एंड फिनटेक 300 करोड़, गोपाल जी डेयरी हापुड़ में 252 करोड़, क्रीमी फूड्स बुलंदशहर में 250 करोड़, प्रधान मिल्क चिलिंग प्लांट मेरठ में 250 करोड़, बरेली डेयरीज बरेली में 300 करोड़ और डेयरी क्राफ्ट बरेली में 212 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है।
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