खाद की जमाखोरी करने वालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार सख्त कार्रवाई करने के मूड में नजर आ रही है। प्रदेश सरकार की ओर से स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि अगर रबी की फसल के मौसम में कोई भी खाद की जमाखोरी करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेश चतुर्वेदी ने इस बाबत सभी जिला मजिस्ट्रेट को हाल ही में सख्त सर्कुलर जारी किया है, जिसमे कहा गया है कि खाद की जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई भी तय कीमत से अधिक के दाम पर खाद को बेचता है तो इसकी जानकारी दी जाए। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि खाद के साथ कोई भी दूसरी चीज नहीं बेची जाए।

चतुर्वेदी ने कहा कि अधिकारियों को स्पष्ट तौर पर निर्देश दिया गया है कि वह यह सुनिश्चित करें कि पर्याप्त खाद मौजूद है, ना सिर्फ फुटकर बल्कि थोक विक्रेता के पास भी बफर स्टर होना चाहिए। दरअसल यूरिया की मांग में किसानों की ओर से बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। किसान इसका इस्तेमाल गेहूं, गन्ना, आलू की खेती के दौरान इस्तेमाल करते हैं। जिसके बाद सरकार की ओर से यह कदम उठाया गया है।
मौजूदा समय में प्रति दिन यूरिया की मांग 43000 मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। ज्वाइंट डायरेक्टर फर्टिलाइजर एके पाठक ने कहा कि यह ऐसा समय है जब किसानों को यूरिया की सबसे अधिक जरूरत होती है, जिसकी वजह से खाद की बिक्री निर्बाध होनी चाहिए। इसके लिए मुख्य रूप से थोक विक्रेताओं के पास स्टॉक को सुनिश्चित करना है। यहां से किसी भी तरह की गड़बड़ी होनी चाहिए।


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