दुनिया में जिस तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विस्तार तेजी से हो रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार भी एआई की ताकत को पहचानते हुए अलग संभावनाओं की तलाश कर रही है। जीबीसी 4.0 के दूसरे दिन 20 फरवरी को योगी आदित्यनाथ सरकार एफडीआई एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस- अनलॉकिंग ऑपर्च्युनिटीज इन उत्तर प्रदेश विषय पर मंथन करने जा रही है।
भविष्य में एआई तकनीक से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को कैसी मजबूती दी जाए इसपर भी सरकार फोकस कर रही है। सरकार एआई की अपार संभावनाओं को तलाश रही है। यही वजह है कि सरकार इस तरह के उपकरणों पर भी ध्यान दे रही है। देश और दुनिया के विशेषज्ञ अपना रोडमैप सरकार के सामने रखेंगे।

दरअसल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार सृजन करने की संभवानओं को तलाश ररहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में एआई की भूमिका काफी अहम होने वाली है। एआई जीवन के हर क्षेत्र में दखल करने जा रहा है, इसकी मदद से कार्यक्षमता कई गुना बढ़ जाती है।
प्रदेश सरकार कृतिम बुद्धिमत्ता के जरिए निर्माण आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। यही वजह है कि सरकार ने विशेषज्ञ पैनलों के साथ एआई की तकनीक को लेकर महामंथन करने जा रही है। एआई की मदद से कृषि उत्पादन में भी सुधार किया जा सकता है।
मौसम का सटीक आंकलन, बारिश का समय, फसल बीमा, फसल प्रजनन, ड्रोन, रोबोटिक्स की मदद से कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन किए जा सकते हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्तीय सेवाओं में भी एआई की भूमिका काफी अहम होने वाली है। यही वजह है कि प्रदेश की योगी सरकार एआई पर विशेष रूप से ध्यान दे रही है।


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