उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार गौ संरक्षण केंद्रों को ग्रामीण रोजगार का बड़ा जरिया बनाना चाहती है। गौ सरंक्षण केंद्राें से संबंधित योजना यूपी सरकार तैयार कर रही है। इस योजना के तहत राज्य भर के 5 हजार से ज्यादा गौ संरक्षण केंद्रों में की शुरूआत करने की योजना है। इसके जरिए स्थानीय लोगों की सहभागिता बढ़ाकर उन्हें रोजगार से जोड़ा जाएगा।

इसकी केंद्रों की शुरूआत लखनऊ के विकासखण्ड बक्शी का तालाब की ग्राम पंचायत बाजपुर गंगौरा में नवनिर्मित वृहद गोसंरक्षण केंद्र के संचालन सुनिश्चित करने के लिए लखनऊ में स्वयं सेवी संस्थाओं एवं इच्छुक व्यक्तियों काचयन किया जाएगा।
लखनऊ के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायत बाजपुर गंगौरा में नए गो-संरक्षण केंद्र में 500 गोवंशों को संरक्षण करने के लिए किसान, पशुपालकों और एनजीओ द्वारा संचालन करने के लिए सरकार की ओर से आवेदन मांगे गए हैं।
उन्होंने बताया इस योजना के तहत आवदेन की आखिरी तारीख 29 फरवरी 2024 शाम 4 बजे निर्धारित की गई है। इच्छुक लोग अपना आवेदन अंतिम तारीख तक मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में जमा कर सकते हैं।
बता दें इस योजना के तहत सरकार की ओर से गाय संरक्षण के लिए पशुपालकों को 50 रुपये की दर से पेमेंट किया जाएगा। गो-संरक्षण केंद्र में गायों का चारा से लेकर सभी प्रकार के खर्चे पशुपालक को स्वयं उठाना पड़ेगा।
इसके अलावा गाय के गोबर से बनने वाली कम्पोस्ट खाद जरिए किसान कमाई कर सकते हैं। इच्छुक लोगों के आवेदन की जांच करने के बाद गौ वंश सहभागिता योजना के अंतर्गत पात्रों को आंवटित कर दिए जाएंगे. गौ संरक्षण केंद्र निराश्रित गौ वंश के साथ बेरोजगार ग्रामीणों को रोजगार सुलभ करवाएंगे।


Click it and Unblock the Notifications