उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार इस बार के बजट में खर्चों में भारी कटौती करने जा रही है। इसके अलावा योगी सरकार का इस बार का बजट कमाई पर अधिक केंद्रित रहेगा।इसके जरिए प्रदेश सरकार राजकोषीय घाटे और राज्य पर कर्ज के बोझ को घटाने का लक्ष्य है।

ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि यूपी सरकार इस बार के बजट में आय और खर्च का संतुलन को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है
हालांकि इस सबसे के बावजूद वित्त्तीय वर्ष 23-24 में राजकोषीय घाटा 174 फीसदी होने का अनुमान है और वित्तीय वर्ष 24-25 में बढ़कर 186 फीसदी तक हो सकता है।
गौरतलब है कि 1 फरवरी को भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारण के अंतरिम बजट 2024 के बाद उत्तर प्रदेश का भी बजट पेश होने वाला है। माना जा रहा है कि इस बार के बजट में सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार प्रदेश के विकास पर दिल खेाल कर पैसा देगी।
इसके अलावा अनुमान है कि ये बजट राज्य के किसानों, महिलाओं और युवाओं को ध्यान में रखते हुए पेश किया जाएगा। यूपी की योगी सरकार के इस बजट का आकार 7.65 लाख़ करोड़ रुपए होने की संभावना है।
गौरतलब है कियूपी सरकार वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट 5 फरवरी को पेश कर सकती है। विधानसभा सत्र के पहले दिन विधानसभा और यूपी विधान परिषद के संयुक्त सदन में 2 फरवरी को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण होगा और तीन फरवरी को सदन की बैठक प्रस्तावित है।


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