मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश विकास की नई इबारत लिख रहा है। एक तरफ जहां प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार है तो दूसरी तरफ केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार है, लिहाजा डबल इंजन की सरकार में उत्तर प्रदेश नया उत्तर प्रदेश बनने की ओर आगे बढ़ रहा है। प्रदेश विकास की ओर तेज गति से अग्रसर है
योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस प्रतिबद्धता के साथ योगी सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। पिछले 6 वर्षों के कार्यकाल की बात करें तो प्रदेश की जीएसडीपी एवं प्रति व्यक्ति आग में तकरीबन दो गुना की बढ़ोत्तरी हुई है।

प्रदेश की जीएसडीपी की बाद करें तो 2016-17 के बीच यह 13 लाख करोड़ रुपए की थी जोकि 2023-24 में बढ़कर 24 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। वहीं प्रति व्यक्ति आय की बात करें तो वर्ष 2016-17 में यह 43 हजार रुपए थी। लेकिन 2022-23 में यह बढ़कर 83 हजार रुपए तक पहुंच चुकी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में प्रदेश में निवेश के अनुकूल नीतियां बनाई जा रही हैं। जिसकी वजह से प्रदेश में कई विदेशी कंपनियों ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में अपनी रूचि प्रदर्शित की है। महज 2 महीने में 8 कंपनियों ने प्रदेश में निवेश की इच्छा जाहिर की है, जोकि इस बात को दर्शाती है कि योगी सरकार की नीतियां किस कदर निवेश अनुकूल हैं।
प्रदेश सरकार की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए जो नीतियां हैं उसके तहत सरकार ने महज 3 माह के भीतर जापान की कंपनी को सब्सिडी देने का काम किया है। जबकि एक दर्जन से अधिक कंपनियों ने अपने उद्यम को स्थापित करने की इच्छा जाहिर की है।
ट्राफल्गर स्क्वॉयर, टॉशन इंटरनेशनल, ऑस्टिंग कंसल्टिंग समूह, इंडो यूरोपियन चैंबर ऑफ स्मॉल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज, एबीसी क्लीनटेक, आरजी ग्रुप और कासिस समूह ने प्रदेश में निवेश के लिए अपनी रूचि जाहिर की है। यूनिकॉर्न एर्जी ने 42000 करोड़ रुपए के निवेश से लखनऊ और जौनपुर में सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का करार किया है। इन परियोजनाओं के माध्यम से 2200 लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिलेगा।


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