Jharkhand: झारखंड में अब बालू की घर पर डिलिवरी की जाएगी। इस सुविधा के लिए लिए पोर्टल पर ऑर्डर देना होगा। खान विभाग द्वारा पोर्टल विकसित किया जा रहा है। इस पोर्टल पर ऑर्डर मिलने के 48 घंटे में आपूर्ति की जाएगी।

खान और भूतत्व विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी ने बताया कि तेलंगाना की तर्ज पर प्रदेश में बालू की होम डिलिवरी की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए झारखंड खनिज विकास निगम की तरफ से सैंड टैक्सी पोर्टल को मार्च 2024 तक लागू किया जायेगा। बालू पहुंचाने के लिए इस पोर्टल पर पोर्टल पर ट्रैक्टर मालिकों का पंजीकरण किया जाएगा। पंजीकृत ट्रैक्टर वाहनों के मालिकों / उपभोक्ताओं को बालू का ऑर्डर देने के दो दिन के भीतर बालू गंतव्य स्थान तक पहुंचाया जायेगा। अब तक प्रदेश के 216 बालूघाटों के लिए निविदा प्रक्रिया के तहत एलओआई कर दिया गया है, जबकि 135 घाटो की निविदा प्रक्रिया में है।
सचिव ने जानकारी दी कि राज्य के कोयला खदान के अतिरिक्त 14 खनिज ब्लॉक नीलामी के लिए तैयार किया गया है। 2023-24 में कुल तीन कोयला खदानों की नीलामी की गयी है। झारखंड में पहली दफा कुल 351 बालू घाटों की नीलामी की प्रक्रिया शुरु की गयी है।
खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी ने बताया कि गैर कोयला खदानों में अभी तक कुल 10 खनिज ब्लॉक खदानें नीलाम की जा चुकी हैं। इसमें लौह, स्वर्ण, स्वर्ण, चूना पत्थर और बॉक्साइट आदि की खदानें हैं। अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए माइंस सर्विलांस सिस्टम फॉर माइनर मिनरल लागू किया जा रहा है, जोकि सेटेलाइट आधारित है। इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में गोड्डा और पाकुड़ में एमएसएस और जेएसएसी की मदद से लागू किया जा रहा है। लघु खनिज की नीलामी को लेकर उन्होंने बताया कि झारखंड में पहली बार झारखंड स्टेट सैंड माइनिंग पॉलिसी 2017 के अनुसार कुल 351 बालू घाटों की नीलामी की प्रक्रिया शुरु की गयी है। निगम के द्वारा इस सभी बालू घाटों की नीलामी उपायुक्त के जरिये से की जायेगी।
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