Telangana: तेलंगाना में स्वीकृत बजट और योजनाओं पर खर्च में बड़ा अंतर, आंकड़ों में जानिए

तेलंगाना (Telangana) में वित्त पर जारी श्वेत पत्र में राज्य पर कर्ज की स्थिति स्पष्ट की गई है। इस हफ्ते राज्य विधानसभा में पेश किए गए राज्य के वित्त पर श्वेत पत्र के अनुसार, यह आंकड़ा न केवल अन्य राज्यों की तुलना में अधिक है, बल्कि अविभाजित आंध्र प्रदेश में व्यय की तुलना में भी अधिक है। सरकार श्वेत पत्र में कहा गया कि तेलंगाना में बजटीय और वास्तविक व्यय के बीच लगभग 20 प्रतिशत का अंतर है।

राज्य सरकार के मुताबित तेलंगाना में बजट और ऑफ-बजट पर उधार ली गई धनराशि का ऋण चुकाने का बोझ बहुत बढ़ गया है और यह राज्य की राजस्व प्राप्तियों का 34 प्रतिशत खर्च किया जा रहा है। जबकि कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में राज्य की राजस्व प्राप्तियों का 35 प्रतिशत हिस्सा खर्च हो जाता है। इसके अलावा श्वेत पत्र में रेड्डी सरकार ने कहा है कि रायथु बंधु जैसी प्रमुख योजनाओं और एसटी, बीसी और अल्पसंख्यकों के कल्याण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों पर खर्च किए गए बजट और वास्तविक धन के बीच एक बड़ा अंतर है।

Telangana difference in expenditure

तेलगांना विधानसभा में लाए गए श्वेत पत्र के मुताबिक, पिछले नौ वर्षों में तेलंगाना का कुल ऋण भुगतान बोझ काफी बढ़ गया है।वित्त वर्ष 2014-15 के बजट में मूलधन और ब्याज का बोझ 6,954 करोड़ रुपये था। इसके बाद वित्त वर्ष 2020-21 को छोड़कर सभी वर्षों में इन भुगतान में सीधे दो अंकों मे वृद्धि हुई। 22 प्रतिशत की वार्षिक औसत दर से बढ़ते हुए, राज्य का कुल ऋण भुगतान बोझ (बजट में) वित्त वर्ष 2023-24 में 32,939 करोड़ रुपये तक दिखाया गया।

More From GoodReturns

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+