पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा के साथ उनकी सेहत का ख्याल रख रही है। इसी क्रम में पंजाब के सरकारी स्कूलों में दिए जाने वाले मिड-डे-मील को लेकर बड़ा ऐलान किया है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत मान के प्रतिनिधित्व वाली सरकार ने पंजाब के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सप्ताह में एक बार मिड-डे-मील में केलों की जगह मौसमी फल दिए जाएंगे। मिड-डे मील में जो सरकारी स्कूल के बच्चों को फल दिए जाएंगे, उनमें किन्नू, अमरूद, लीची, सेब और आम शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री के आदेश के बाद मिड डे मील में ये बदलाव 12 फरवरी से होगा। 12 फरवरी से बच्चों को मिड-डे-मील में हर सोमवार को केले देने के बजाय हर दिन अलग-अलग मौसमी फल दिया जाएगा।
सरकार ने विद्यार्थियों को मौसमी फल देने का आदेश दिया था जिसके बाद स्कूली बच्चों को पहली जनवरी से केला देना शुरू किया गया था। वहीं अब हर सोमवार को बच्चों को केवल केले ही ना दिए जाए इसके लिए पंजाब मिड-डे-मील सोसाइटी द्वारा पत्र जारी किया है जिसमें कहा गया है कि हर स्कूली बच्चे को दोपहर के खाने में हर सोमवार मौसमी फल देने का फैसला स्कूलों में लागू किया जाए।
यह भी कहा जा रहा है कि विद्यार्थियों को मौसमी फल देने का फैसला मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में हुई मीटिंग के दौरान लिया गया है। इसके पीछे की कोशिश स्थानीय फल उत्पादकों को लाभ पहुंचाने के साथ-साथ विद्यार्थियों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी है। इस स्कीम में प्रति विद्यार्थी 5 से 6 रुपए खर्च करने की योजना है। गौरतलब है कि पंजाब में इस समय 19,120 सरकारी स्कलों में प्री-नर्सरी से 8वीं कक्षा तक के 18.35 लाख बच्चों को दोपहर का खाना परोसा जा रहा है। मिड-डे-मील को सरकार द्वारा सीजन के आधार पर साल में 2 से 3 बार बदला जाता है।


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