पंजाब सरकार प्रदेश में एक अनोखी पहल की शुरुआत करने जा रही है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने प्रदेश में स्कूल्स ऑफ हैप्पीनेस के लिए 10 करोड़ रुपए के बजट का आवंटन किया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मंगलवार को प्रदेश का बजट पेश करते हुए इसका ऐलान किया।
वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब में शिक्षा के क्षेत्र के लिए 16987 करोड़ रुपए के बजट का आवंटन किया गया है। जोकि कुल बजट का 11.5 फीसदी है। इससे पहले 2023-24 के बजट में स्कूल्स ऑफ एमिनेंस योजना की शुरुआत की गई थी। इस योजना के तहत प्रदेश के स्कूलों को खास सुविधाओं से लैस किया जाता है। कक्षा 9 से कक्षा 12वीं तक के स्कूलों के लिए इस योजना की शुरुआत की गई थी। पिछले वर्ष बजट में प्राइमरी स्कूलों के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया गया था।

प्रदेश सरकार की ओर से नए प्रस्तावित 'स्कूल ऑफ हैप्पीनेस' के लिए बजटीय आवंटन से राज्य संचालित प्राथमिक विद्यालयों की तस्वीर बदलने की उम्मीद है। प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में की हालत अभी भी बहुत खराब है, ऐसे में यहां के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में इस योजना से काफी मदद मिलेगी।
सरकार ने 100 सीनियर सेकेंडरी सरकारी स्कूलों की तस्वीर को बदलने के लिए स्कूल्स ऑफ ब्रिलिएंस का ऐलान किया है। इसके लिए 10 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। इसी तरह से प्री प्राइमरी से कक्षा 5वीं तक के 3 वर्ष से 11 वर्ष के छात्रों के लिए 100 स्कूलों को स्कूल्स ऑफ हैप्पीनेस में तब्दील किया जाएगा।
इसके लिए 10 करोड़ रुपए के बजट का आवंटन किया गया है। इसके तहत क्लासरूम को हवादार बनाया जाएगा, बच्चों के लिए खेलने के लिए मैदान का सौंदर्यीकरण किया जाएगा, स्कूलों में एक्टिविटी कॉर्नर को विकसित किया जाएगा। बता दें कि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मंगलवार को 2 लाख करोड़ से अधिक का बजट पेश किया, जिसमे शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर खास ध्यान दिया गया है।


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