FIH मेन्स हॉकी विश्वकप 2023 में विफलता के बाद राउरकेला को एक और बड़ी निराशा हाथ लगी है। स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग 2023 में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। शहर 2022 में 45वें पायदान पर था, वह अब 119वें स्थान पर पहुंच गया है। ताजा स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 की रैकिंग में ओडिशा के पांच और शहरों की रैंकिंग में गिरावट देखने को मिली है।
यह गिरावट मुख्ट रूप से खुले में शौच के चलते देखने को मिली है। कूड़ामुक्त शहर की श्रेणी में भी गिरावट देखने को मिली है। रिपोर्ट के अनुसार में रैंकिंग में यह गिरावट खराब प्रबंधन, फील्ड में अधिकारियों का कम दौरा, देखभाल की कमी, राउरकेला निकाय की निष्क्रियता बड़ी वजह है।

रैंकिंग में गिरावट के पीछे की जो वजह सामने आई है उसमे प्रबंधन सबसे बड़ी कमी है। पर्याप्त संसाधन होने और स्वच्छता पर खर्च के बावजूद निगरानी में कमी की वजह से रैंकिंग में गिरावट देखने को मिली है। आठ माइक्रो कंपोस्टिंग केंद्रों में से सात केंद्रों पर वैज्ञानिक कचरा निपटान का काम सही से नहीं हो रहा है। इन जगहों पर 40 टन गीले कचरे को खाद में परिवर्तित किया जा रहा है जबकि इसकी क्षमता 100 टन से अधिक की है।
यही वजह है कि बचा हुआ कचरा अवैध रूप से छेंड कॉलोनी में बिरसा मुंडा अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के पास एक अनधिकृत लैंडफिल के पास फेंक दिया जाता है। गौर करने वाली बात है कि यहां पर जनवरी 2023 में एचडब्ल्यूसी का आयोजन हुआ था।
आलोचकों का कहना है कि यहां सिर्फ कुछ समय के लिए ही साफ सफाई का इंतजाम किया गया था, इसके बाद इसकी दशा फिर पुरानी जैसी हो गई है। ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव बीरेन सेनापति का कहना है कि सामुदायिक शौचालयों के खराब रखरखाव की वजह से लोगों को खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। यहां बनाए गए मॉड्यूलर शौचालयों को या तो बंद हैं या फिर इस्तेमाल करने की स्थिति में नहीं हैं।


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