Jharkhand News: झारखंड में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य में केंद्र प्रायोजित मिशन शक्ति का सही तरीके से संचालन करने के लिए 178 कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी। राज्य कैबिनेट से आउटसोर्सिंग से नियुक्ति प्रक्रिया को स्वीकृति मिल चुकी है। ज्ञात हो कि मिशन शक्ति योजना के तहत संबल और सामर्थ्य घटक कार्यक्रमों के तहत कुल 9 योजनाएं चलाई जानी हैं। संबल कार्यक्रम के तहत वन स्टॉप सेंटर, महिला हेल्प लाइन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और नारी अदालत का संचालन होता है।

इसके अलावा सामर्थ्य कार्यक्रम के तहत शक्ति सदन (स्वाधार गृह एवं उज्ज्वला योजना), कामकाजी माताओं के बच्चों के लिए राष्ट्रीय क्रेच योजना (पालना), कामकाजी महिला छात्रावास (सखी निवास), महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए केंद्र और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीआई) शामिल हैं। ज्ञात हो कि महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार ने पंद्रहवें वित्त आयोग की अवधि 2021-2022 से 2025-2026 के दौरान विशेष योजना के रूप में मिशन शक्ति की शुरुआत की थी।
मिली जानकारी के मुताबिक मिशन शक्ति के तहत संचालित उपरोक्त योजनाओं के सही क्रियान्वयन के लिए महिलाओं के सशक्तिकरण केंद्र का गठन किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश स्तर और जिला स्तर पर एक-एक केंद्र बनेगा। इन्हीं केंद्रों के लिए ही आउटसोर्सिंग पर कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी। इसके माध्यम से कुल 176 पदों का सृजन किया गया है। बताया जा रहा है कि इन सभी पदों के लिए अभ्यर्थियों की अर्हता भी तय कर ली गई है।
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