उत्तराखंड में विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए प्रदेश की मौजूदा पुष्कर सिंह धामी सरकार कई बड़े कदम उठा रही है। प्रदेश में जिस तरह से इस वर्ष ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया उसमे करोड़ो रुपए के एमओयू साइन किए गए।
प्रदेश सरकार ने इस समिट के दौरान 2.5 लाख करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा था, लेकिन सरकार ने इससे कहीं आगे जाकर 3.5 लाख करोड़ रुपए के एमओयू साइन किए। जिसके बाद प्रदेश में विकास और निवेश का नया अध्याय शुरू हुआ है।

हालांकि यह वर्ष खत्म हो रहा है, लेकिन उत्तराखंड के लिए यह साल काफी खास रहा है। प्रदेश की विकास यात्रा को इस वर्ष नई रफ्तार मिली है। प्रदेश की विकास यात्रा के लिए 2023 काफी अहम रहा। प्रदेश सरकार ने सशक्त उत्तराखंड को ध्यान में रखते हुए इसके अलग-अलग संकल्पों को मूर्त रूप देने का काम किया है।
किसी भी प्रदेश में विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए जरूरी है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हो, भ्रष्टाचार की जगह ना हो। इसके लिए प्रदेश सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ कई बड़े कदम उठाए हैं। अप्रैल 2022 में विजिलेंस ने 1064 टोल फ्री नंबर की शुरुआत की, जिसपर 423 शिकायतें हमे मिली। विजिलेंस की गहन जांच के बाद कई मामलों में कार्रवाई की गई। माफिया तंत्र को रोकने का प्रदेश सरकार ने काम किया है। 64 गिरफ्तारियां की गई है, जिसमे से 24 को गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है।
इन लोगों के पास से 17 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की गई है। 12 से अधिक आरोपियों की संपत्ति जब्त करके उनके खिलाफ जांच की जा रही है। विवादित आईएएस अधिकारी राम विलास यादव, आईएफएस अधिकारी किशनचंद को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में जेल भेजा गया है।


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