ओडिशा में पुरी धाम धार्मिक पर्यटन का मुख्य केंद्र है। यहां पुरी रेलवे स्टेशन पूर्वी राज्य के अहम जंक्शन में से एक है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और यह मंदिर पूरे देश को जोड़ने का काम करता है। देशभर से बड़ी संख्या में लोग पूरे वर्ष यहां आते हैं। ऐसे में यहां से यात्रियों की कनेक्टिविटी काफी अहम हो जाती है।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के रेलवे स्टेशन बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं। रेलवे स्टेशनों का व्यापक पुनर्विकास किया जा रहा है। इसमें पुरी का रेलवे स्टेशन भी शामिल है, जहां बुनियादी ढांचे में बदलाव के साथ सुविधाओं का नवीनीकरण किया जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे 2025 तक इस रेलवे स्टेशन की क्षमता का विस्तार हो जाएगा। इसके लिए कुल 161.51 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है।

भुवनेश्वर के डिप्टी सीई प्रभात सिंह ने बताया कि ओडिशा में पुरी के लिए पुनर्विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगले वर्ष जुलाई माह तक यह पूरा हो जाएगा, जिसके बाद यहां अधिक ट्रेनों का संचालन हो सकेगा और अधिक से अधिक यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पूरे रेलवे स्टेशन को विश्व स्तरीय सुविधा में तब्दील किया जा रहा है। यह ग्राउंड फ्लोर प्लस थ्री फ्लोर का होगा, प्लेटफॉर्म को भी बड़ा किया जाएगा, साथ ही पूरी बिल्डिंग को वातानुकूलित किया जाएगा।
रेलवे स्टेशन पर हर स्तर पर बदलाव किया जाएगा, यहां पार्किंग स्थान को बड़ा किया जाएगा, जहां पर इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग के लिए एक विशेष सुविधा होगी। साथ ही टीटीई के लिए एक विश्राम कक्ष, शीर्ष मंजिल पर 150 बिस्तरों वाला एक रिटायरिंग रूम और छात्रावास सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां छह एस्केलेटर बनाए जाएंगे। फिलहाल पुरी पुरी रेलवे स्टेशन प्रतिदिन लगभग 16000 यात्रियों को सेवा प्रदान की जाती है लेकिन नवीनीकरण के बाद इसकी क्षमता 60000 तक हो जाएगी


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