पंजाब राज्य में वन्यजीवों के संरक्षण के अत्यधिक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी प्रयास के तहत पंजाब राज्य वन्यजीव बोर्ड ने मंगवार को हॉग डियर (एक्सिस पोर्सिनस) को कथलौर-कौशल्या वन्यजीव अभयारण्य की शुभंकर प्रजाति घोषित करने को मंजूरी दे दी।

वन परिसर में वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारुचक की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड की स्थायी समिति की बैठक मंगलवार को अयोजित की गई। इसी बैठक हॉग डियर से जुड़ा ये अहम फैसला लिया गया, क्योंकि हॉग हिरण वास्तव में प्राकृतिक आवास का प्रतिनिधित्व करता है। कथलौर-कौशल्या वन्यजीव अभयारण्य क्योंकि यहां बड़ी संख्या में पाए जाते हैं।
मंत्री ने बताया कि हॉग हिरण को अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) द्वारा लुप्तप्राय प्रजातियों की श्रेणी में दर्ज किया गया है और वन्यजीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2022 की अनुसूची -1 में इसका उल्लेख किया गया है।
अन्य मुद्दों के अलावा, समिति द्वारा अर्नौली वितरिका के आरडी 71000 पर एक्वा डक्ट के निर्माण के प्रस्ताव को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति को भेजने की भी मंजूरी दी गई।
यह परियोजना पटियाला में बीर भुनेरहेरी वन्यजीव अभयारण्य और इसके आसपास के पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र में लागू की जानी है। यह अभयारण्य से सटे गांवों को मानसून के दौरान बाढ़ से बचाने में उपयोगी होगा।
इसके साथ हीसमिति ने जंगली सूअरों और नीलगाय के सीमित शिकार की नीति के सरलीकरण को भी मंजूरी दी ताकि फसलों को इन सूअरों से होने वाले विनाश से बचाया जा सके।


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