पंजाब सरकार ने भूमि और जल संरक्षण विभाग की 54वीं वर्षगांठ के मौके पर मोगा में सीवेज उपचारित जल सिंचाई परियोजना की आधारशिला रखी है। पंजाब सरकार में जल संरक्षण मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने इसकी आधारशिला रखी।
इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भूजल में सुधार और कृषि की लागत को घटाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इस वित्त वर्ष के अंत तक 20 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्रफल को सीवेज उपचारित जल को सिंचाई के साथ जोड़ा जाएगा।

चेतन सिंह कहा कि मौजूदा समय में सिंचाई के लिए 320 एमएलडी ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है। मौजूदा वित्त वर्ष में इसे दोगुना करके 600 एमएलडी किया जएगा।
इस परियोजना के तहत प्रदेश के सबसे बड़े उपचारित जल सिंचाई परियोजना की आधारशिला रखी गई है। इसकी कुल लागत 12.87 करोड़ रुपए है, इससे 1100 किसान परिवारों को लाभ होगा और उन्हें 1020 हेक्टयर क्षेत्र में कृषि सिंचाई का लाभ मिलेगा।
पानी की कमी को देखते हुए सरकार की ओर से यह कदम उठाया गया है। पानी वाली फसलों और स्मार्ट सिंचाई तकनीक को अपनाने की जरूरत है। ताकि हम आने वाली पीढ़ियों को पानी के संकट से बचा सके।
पंजाब सरकार की ओर से इस परियोजना की जानकारी देते हुए कहा गया है कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट मोगा परियोजना की मदद से 27 एमएलडी पानी हर रोज ट्रीट होगा। 20 हजार हेक्टेयर कृषि जमीन की सिंचाई इसके जरिए हो सकेगी। साथ ही 2500 एकड़ जमीन पर 1100 किसान परिवारों को लाभ मिलेगा। चेतन सिंह ने कहा कि हम लगातार सिंचाई के वैकल्पिक साधनों को लेकर काम कर रहे हैं।


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