पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने मंगलवार को प्रदेश का बजट पेश किया। चीमा ने प्रदेश का बजट मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि को ध्यान में रखते हुए 204918 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला।
केंद्र की भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस सदन को यह बताना मेरी जिम्मेदारी है केंद्र सरकार का पंजाब के प्रति कितना उदासीन रवैया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, ग्रामीण विकास निधि, मंडी विकास निधि और पूंजी निवेश के लिए प्रदेश को विशेष सहायता के तहत 8000 करोड़ रुपए आवंटित हुए थे, लेकिन इसे अभी तक नहीं जारी किया गया है, जिसकी वजह से विकास कार्य प्रभावित हुए हैं और प्रदेश के राजस्व पर अतिरिक्त बोझ आया है।

इस बार के बजट के अनुसार पंजाब पर 2024-25 वित्त वर्ष में बकाया ऋण 353599.90 करोड़ तक रहने की संभावना है। वित्त वर्ष 2023-24 में यह ऋण 323134.98 करोड़ रुपए था। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए जीएसडीपी का प्रभावी बकाया ऋण 44.05% रह सकता है। पंजाब सरकार की ओर से वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान कर्ज पर ब्याज के रूप में ₹22500 करोड़ का भुगतान किया है। जोकि वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 23900 रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है।
वहीं बजट को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पहली बार राज्य का बजट 2 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर गया है। बजट में पंजाब सरकार ने लोक कल्याण के लिए कई अग्रणी पहल शुरू की हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को गेहूं धान के संकट से बाहर निकालने के लिए 200 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। विभिन्न फसल विविधीकरण योजनाओं के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 575 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही समाज के हर वर्ग का इस बजट में खयाल रखा गया है।


Click it and Unblock the Notifications