ओडिशा की तस्वीर अब बदल रही है, एक दौर था जब प्रदेश में गरीबी काफी ज्यादा थी, लेकिन अब यह बदल रहा है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में गरीबी का स्तर काफी कम हुआ है। नीति आयोग की ओर से जारी एक पेपर के अनुसार 2015-16 और 2019-21 को बीच ओडिशा में 48 फीसदी गरीबी में कमी आई है। पिछले 15 वर्षों की बात करें तो ओडिशा में गरीबी दर में तकरीबन 48 फीसदी की गिरावट हुई है।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2016-21 के बीच ओडिशा सहित पांच राज्यों में गरीबी दर काफी कम हुई है। इसमे अन्य राज्य उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान शामिल हैं। गरीबी दर मापने में 12 संकतों को शामिल किया जाता है, जिसमे मुख्य रूप से पोषण, बाल और किशोर मृत्यु दर, मातृ स्वास्थ्य, स्कूली शिक्षा के वर्ष, स्कूल में उपस्थिति, खाना पकाने का ईंधन, स्वच्छ पानी, बिजली, आवास, संपत्ति और बैंक के खाते शामिल हैं।

वर्ष 2019-21 में प्रदेश में बहुआयामी रूप से गरीबों का प्रतिशत 15.68 था, जबकि 2015-16में यह 29.34 फीसदी था। ववर्ष 206-06 में यह 63.84 फीसदी था। वर्ष 2022-23 की बात करें तो ओडिशा में 11.07 फीसदी लोग बहुआयामी रूप से गरीब थे। 2013-3033 तक 102.78 लाख लोग बहुआयामी गरीबी स्तर से बच गए हैं। ओडिशा में सबसे अधिक लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले हैं।


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