उत्तर प्रदेश में उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार कई अहम कदम उठा रही है। पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड निवेश आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में प्रदेश में निवेश के साथ नए उद्योगों की भी स्थापना हो रही है।
प्रदेश में नए उद्योग लगने से रिकॉर्ड संख्या में रोजगार का सृजन हो रहा है। अगले तीन वर्षों में 250 स्टार्टअप की स्थापना होगी। इन स्टार्टअप से अप्रत्यक्ष तौर पर 20 लाख रोजगार का सृजन होगा। प्रदेश में कुल 14000 से अधिक परियोजनाओं के जरिए 34 लाख लोगों को रोजगार मिला है।

प्रदेश सरकार वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट स्कीम को चला रही है, इसका मकसद हर जिले को एक खास पहचान दिलाना है। इस स्कीम को प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू किया गया है। इस योजना की शुरुआत 24 जनवरी 2018 को लॉन्च किया। हर जिले के खास उत्पाद को बढ़ावा देकर उसे बढ़ावा दिया जाता है। इसके जरिए प्रदेश के हर नागरिक को आत्मनिर्भर बनने के साथ सशक्त बनने का भी अवसर प्राप्त हो रहा है।
वहीं दुग्ध उत्पादन के मामले में भी उत्तर प्रदेश देश का नंबर एक राज्य है। प्रदेश में श्वेत क्रांति का ही नतीजा है कि इस सेक्टर में 9000 करोड़ रुपए का निवेश हुआ ङै। इससे युवाओं को रोजगार मिल रहा है। वाराणसी में पीएम मोदी ने बनास काशी संकुल का शुभारंभ किया, जिसके जरिए पूर्वांचल के लाखों लोगों को रोजागर मिलेगा।
पहले चरण में 10 लाख लीटर दूध की हैंडलिंग की यहां क्षमता होगी। इसे दूसरे चरण में हर रोज 15 लाख लीटर तक बढ़ाया जा सकता है। कंपनी ने बागपत में 800 करोड़ का निवेश किया है। इससे 4000 रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अलीगढ़, प्रयागराज, इटावा, कानपुर देहात में भी बड़े दूध के प्रोजेक्ट लगेंगे।


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