उत्तर प्रदेश में रोजगार सृजन के लिए प्रदेश की योगी सरकार की ओर से पिछले कुछ सालों में कई अहम फैसले लिए गए हैं। प्रदेश सरकार एक तरफ जहां खुद रोजगार सृजन के अनुरूप नीतियां तैयार कर रही है।
नए उद्योगों को बढ़ावा दे रही है तो दूसरी तरफ केंद्र की ओर से चल रही योजनाओं को भी आगे बढ़ा रही है, जिससे कि अधिक से अधिक युवाओं को इन योजनाओँ का लाभ मिल सके।

केंद्र सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेटिव यानि पीएलआई योजना को भी सरकार तेजी से आगे बढ़ा रही है। केंद्र सरकार की इस 10 बिलियन डॉलर की योजना को यूपी के अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाने की सरकार की कोशिश है।
घरेलू बाजार में सेमीकंडक्टर की मांग काफी तेजी से बढ़ी है, इसमे तकरीबन 10 गुना का इजाफा हुआ है। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार इस अवसर को हाथ से नहीं देना चाहती है। यही वजह है कि सरकार की ओर से नई चिप मैन्युफैक्चरिंग नीति को तैयार किया है।
यूपी सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2024 को गुजरात, ओडिशा, तमिलनाडु की तर्ज पर तैयार किया गया है। योगी सरकार का दावा है कि 12 से अधिक कंपनियों ने इसके लिए अपनी रुचि जाहिर की है, वो प्रदेश में सेमीकंडक्टर प्लांट लगाना चाहते हैं।
प्रदेश सरकार इसके लिए निवेशकों को जमीन का रजिस्ट्रेशन कराने पर 100 फीसदी स्टांप ड्यूटी में छूट दे रही है। इसके साथ ही 200 एकड़ जमीन पर 75 फीसदी की लैंड सब्सिडी भी दी जा रही है। निवेशकों को इस क्षेत्र में आकर्षित करने के लिए उन्हें अतिरिक्त 30 फीसदी की लैंड सब्सिडी भी दी जा रही है।
जो कंपनियां 200 करोड़ से अधिक का निवेश करेंगी उन्हें हर वर्ष 5 फीसदी की ब्याज में भी छूट दी जाएगी। साथ ही 20 करोड़ रुपए तक की सब्सिडी रिसर्च एवं डेवलपमेंट के लिए दी जाएगी।
यूपी सरकार को भरोसा है कि इस नीति के जरिए वह प्रदेश में बड़ी संख्या में निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित कर सकेगी।


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